Home Business Remediesभारत में अन्य देशों की अपेक्षा न्यूक्लियर एनर्जी क्षमता कम, सरकार के प्रयासों से विस्तार को मिलेगा बढ़ावा : Morgan Stanley

भारत में अन्य देशों की अपेक्षा न्यूक्लियर एनर्जी क्षमता कम, सरकार के प्रयासों से विस्तार को मिलेगा बढ़ावा : Morgan Stanley

by Business Remedies
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नई दिल्ली | एजेंसी |वैश्विक निवेश फर्म Morgan Stanley ने कहा कि देश में Renewable Energy में Nuclear Energy एक रणनीतिक महत्व रखती है, जो जीवाश्म ईंधन की कीमतों में अस्थिरता से प्रभावित हुए बिना स्थिर, कम Carbon Emission वाली ऊर्जा प्रदान कर सकती है। साथ ही कहा कि भारत में Nuclear Energy क्षमता 8.2 Gigawatt की है और कुल स्थापित ऊर्जा क्षमता में इसकी हिस्सेदारी करीब 2 प्रतिशत और Generation में 3 प्रतिशत के आसपास की है। यह अन्य देशों की अपेक्षा कम है और सरकार के Nuclear Energy क्षेत्र में प्रयासों से विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।

रिपोर्ट में बताया गया कि सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 32 तक 22 Gigawatt Nuclear Energy क्षमता हासिल करना है, जिसका दीर्घकालिक लक्ष्य 2047 तक 100 Gigawatt है। Small Modular Reactor (SMR) के Design, Development और स्थापित करने के लिए 200 अरब रुपए आवंटित करने वाले एक समर्पित Nuclear Energy Mission की घोषणा, अधिक लचीली, विस्तार योग्य और संभावित रूप से निजी क्षेत्र के अनुकूल परमाणु तैनाती की दिशा में एक बदलाव का संकेत देती है।

Shanti Framework के तहत प्रस्तावित सुधारों सहित समानांतर विधायी प्रयासों का उद्देश्य Regulatory Environment का आधुनिकीकरण करना और Regulatory Oversight के तहत निजी भागीदारी को बढ़ाना है। रिपोर्ट में Morgan Stanley ने कहा, “हमारा मानना है कि इस रणनीति की सफलता क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी, विशेष रूप से Financing, Regulatory Reform और Supply Chain Development में। क्षमता विस्तार को आकार देने में वैश्विक साझेदारियां महत्वपूर्ण बनी रहेंगी।” विभिन्न देशों में, Canada एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा क्योंकि वह एक नए दीर्घकालिक समझौते के तहत भारत को Uranium की आपूर्ति कर रहा है।

भारत की परमाणु यात्रा में America की भूमिका ईंधन-केंद्रित होने के बजाय अधिक संभावित और प्रौद्योगिकी-केंद्रित है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि America-India Civil Nuclear Framework महत्वपूर्ण बना हुआ है, और हमारा मानना है कि SMR Technology Transfer और व्यापक Commercial Interest से संबंधित हालिया कदम बताते हैं कि यदि Liability और Regulatory Reform लागू होते हैं, तो Reactor Technology, Equipment और Project Partnership में America अधिक प्रासंगिक हो सकता है। भारत PLI और नीतिगत प्रोत्साहनों के समर्थन से खुद को एक वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। ध्यान गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर केंद्रित हो रहा है, हालांकि Procurement Process और Supply Chain में कमियां अभी भी बाधाएं बनी हुई हैं।



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