श्रीधर वेम्बू ने तमिलनाडु में मौजूदा राजनीतिक स्थिति को अस्थिर बताते हुए राष्ट्रपति शासन लागू करने और नए चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में बनने वाली कोई भी सरकार लंबे समय तक स्थिर नहीं रह पाएगी, क्योंकि उस पर अलग-अलग राजनीतिक दबाव बने रहेंगे। उनका मानना है कि तमिलनाडु बेहतर और स्थिर शासन का हकदार है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए गए अपने बयान में श्रीधर वेम्बू ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक समीकरण सही तरीके से मेल खाते नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की राजनीतिक स्थिति बनी हुई है, उसमें गठबंधन के सहारे बनने वाली सरकार लगातार खींचतान और दबाव का सामना करेगी। इसी कारण राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाकर दोबारा चुनाव कराना सबसे उचित विकल्प हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि नए चुनाव के दौरान “कैश फॉर वोट” जैसी गतिविधियों पर बेहद सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार यदि निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराए जाएं तो जनता का वास्तविक जनादेश सामने आएगा और यह स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य की जनता किसे सत्ता में देखना चाहती है। विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम को लेकर भी श्रीधर वेम्बू ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि यदि तमिलनाडु में दोबारा चुनाव होते हैं तो टीवीके भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौट सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और अन्नाद्रमुक इस स्थिति को रोकना चाहते हैं तो दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं।
इसके अलावा उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को भी तमिलनाडु में अकेले चुनाव लड़ने की सलाह दी। उनका कहना था कि भले ही पार्टी को शून्य सीटें मिलें, फिर भी उसे नई शुरुआत करनी चाहिए और जनता को स्वतंत्र रूप से फैसला लेने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति में नए विकल्प और नई सोच की आवश्यकता है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में तमिलगा वेत्री कड़गम राज्य की बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी थी। 234सदस्यीय विधानसभा में पार्टी बहुमत से थोड़े अंतर से पीछे रह गई थी, लेकिन उसके प्रदर्शन ने तमिलनाडु की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी थी।

