केन्द्र सरकार ने समुद्र के गहरे क्षेत्रों से निकलने वाले कच्चे तेल और गैस पर लगने वाली Royalty का बोझ कम कर दिया है। सरकार की नई व्यवस्था के तहत अब इन क्षेत्रों में उत्पादन करने वाली कंपनियों को पहले की तुलना में कम Royalty देनी होगी। माना जा रहा है कि इस फैसले से देश में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था के अनुसार गहरे समुद्री क्षेत्रों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने की Date से पहले 7वर्षों तक Royalty दर 5 प्रतिशत रहेगी। इसके बाद आठवें वर्ष से यह बढ़कर 10प्रतिशत हो जाएगी।
अत्यधिक गहरे समुद्री क्षेत्रों के लिए सरकार ने और बड़ी राहत दी है। इन क्षेत्रों में उत्पादन शुरू होने के बाद पहले 7 वर्षों तक किसी भी प्रकार की Royalty नहीं ली जाएगी। इसके बाद आठवें वर्ष से 5 प्रतिशत Royalty लागू होगी। सरकार की यह नई व्यवस्था कई पुरानी और नई नीतियों के तहत दिए गए क्षेत्रों पर लागू होगी। इसमें सरकारी तेल कंपनियों को दिए गए क्षेत्र, पुरानी खोज नीतियों के अंतर्गत आवंटित ब्लॉक और नई खोज एवं लाइसेंस नीतियों के तहत दिए गए क्षेत्र शामिल हैं।
जमीन और कम गहराई वाले समुद्री क्षेत्रों में अधिकांश श्रेणियों के लिए Royalty दर 12.5 प्रतिशत ही रखी गई है। हालांकि कुछ गहरे समुद्री क्षेत्रों में कम दर लागू की गई है ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके। सरकार ने कुछ श्रेणियों में 7.5 प्रतिशत Royalty दर को पहले की तरह जारी रखा है। वहीं पुरानी नीतियों के तहत हुए समझौतों पर पहले से तय दरें ही लागू रहेंगी। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर इसका असर पड़ रहा है और कच्चे तेल की कीमतों में भी अस्थिरता बनी हुई है।
केन्द्र सरकार ने कहा है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के रुख पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि क्षेत्र में संघर्ष खत्म करने के लिए दिए गए प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया पूरी तरह अस्वीकार्य है। इस बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीद कम करने, विदेश यात्राओं में कटौती करने और ईंधन की खपत घटाने की अपील की है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके।




