New Delhi,
भारत में Mutual Fund उद्योग में अप्रैल महीने के दौरान निवेशकों की भागीदारी मजबूत बनी रही। Association Of Mutual Funds In India ( AMFI ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल उद्योग निवेश बढ़कर ₹ 3.22 लाख करोड़ तक पहुंच गया। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों का रुझान Gold ETF की ओर तेजी से बढ़ा। अप्रैल के दौरान Gold ETF में कुल ₹ 3,040.3 करोड़ का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जो पिछले महीने की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक रहा। 30 अप्रैल तक Gold ETF का कुल Asset Under Management यानी AUM बढ़कर ₹ 1.78 लाख करोड़ पहुंच गया।
दूसरी ओर Equity Mutual Funds में भी निवेशकों का भरोसा मजबूत बना रहा। सक्रिय रूप से प्रबंधित Equity Mutual Funds में अप्रैल के दौरान ₹ 38,440.20 करोड़ का शुद्ध निवेश आया। Equity श्रेणी में Flexi-Cap Funds सबसे आगे रहे। इस श्रेणी में कुल ₹ 10,147.85 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया। इसके अलावा Small-Cap Funds में ₹ 6,885.90 करोड़ का शुद्ध निवेश आया। Mid-Cap Funds में भी निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत रही और इस श्रेणी में ₹ 6,551.40 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया। वहीं Large-Cap Funds में ₹ 2,524.61 करोड़ का निवेश आया।
Debt Mutual Funds श्रेणी में भी मजबूत निवेश देखने को मिला। अप्रैल के दौरान Debt Funds में कुल ₹ 2.47 लाख करोड़ का निवेश हुआ। इसमें Overnight Funds में ₹ 31,420.45 करोड़ और Liquid Funds में ₹ 1.65 लाख करोड़ का निवेश दर्ज किया गया। वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है। World Gold Council के अनुसार अप्रैल में Global Gold ETF में 6.6 अरब डॉलर का निवेश आया। यूरोप के फंड्स ने इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
इससे पहले अप्रैल में घरेलू Mutual Fund उद्योग ने FY 26 का समापन मजबूत प्रदर्शन के साथ किया। उद्योग का कुल AUM बढ़कर ₹ 73.73 लाख करोड़ पहुंच गया, जो एक साल पहले की तुलना में 12.2 प्रतिशत अधिक है। लगातार बाजार उतार-चढ़ाव के बावजूद उद्योग के कुल Asset Base में लगभग ₹ 8 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं, सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और लंबे समय के निवेशकों की भागीदारी के कारण Gold ETF और Equity Mutual Funds दोनों में लगातार निवेश बना हुआ है। वहीं Stock Market के अनुसार Nifty और Sensex में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार पर कायम है।




