सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में Sensex 1,312.91 अंक यानी 1.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,015.28 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 360.30 अंक यानी 1.49 प्रतिशत टूटकर 23,815.85 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में दबाव देखने को मिला। खासतौर पर उपभोक्ता टिकाऊ सामान, पीएसयू बैंक, रियल्टी और तेल एवं गैस क्षेत्र के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की कमजोर धारणा और व्यापक बिकवाली के चलते बाजार पूरे दिन दबाव में बना रहा।
Stock Market के दौरान एनएसई पर गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों की तुलना में काफी अधिक रही। कुल 2,779 शेयरों में गिरावट दर्ज हुई, जबकि केवल 1,390 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। इससे बाजार की कमजोरी साफ दिखाई दी। बाजार में अस्थिरता का संकेत देने वाला इंडिया वीआईएक्स भी 10 प्रतिशत से अधिक उछल गया। इससे साफ है कि निवेशकों के बीच घबराहट और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो उपभोक्ता टिकाऊ सामान सूचकांक सबसे ज्यादा प्रभावित रहा और इसमें 3.73 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा रियल्टी, पीएसयू बैंक और तेल एवं गैस क्षेत्र में भी बड़ी बिकवाली देखने को मिली।
Nifty के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में टाइटन कंपनी, भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में भारी दबाव के कारण बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा।
हालांकि गिरते बाजार के बीच टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी का शेयर 8 प्रतिशत से अधिक उछलकर दिन का सबसे बड़ा बढ़त वाला शेयर बन गया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों की कमजोरी, निवेशकों की सतर्कता और चुनिंदा क्षेत्रों में लगातार बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी।




