प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी टालने की अपील के बाद सोमवार को देश की प्रमुख आभूषण कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों को आशंका है कि आने वाले महीनों में सोने और आभूषणों की मांग कमजोर पड़ सकती है, जिससे इस क्षेत्र की कंपनियों के कारोबार और मुनाफे पर असर पड़ सकता है। इसी डर के चलते शेयर बाजार में सोने से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बढ़ गया।
Stock Market के दौरान सोमवार सुबह कारोबार में टाइटन कंपनी का शेयर करीब 8.02 प्रतिशत टूटकर ₹.4,151.40 पर पहुंच गया। वहीं कल्याण ज्वैलर्स इंडिया के शेयरों में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह ₹.382.20 पर कारोबार करता दिखाई दिया। पीएन गाडगिल ज्वैलर्स का शेयर भी 8.32 प्रतिशत टूटकर ₹.668.05 तक पहुंच गया। सोने और हीरे के कारोबार से जुड़ी स्काई गोल्ड एंड डायमंड्स के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। कंपनी का शेयर12.24प्रतिशत गिरकर ₹.475 पर पहुंच गया। हाल ही में सूचीबद्ध ब्लूस्टोन ज्वैलरी एंड लाइफस्टाइल के शेयर भी 5.92 प्रतिशत कमजोर होकर ₹.474.70 पर कारोबार करते दिखाई दिए।
इसके अलावा सेनको गोल्ड के शेयर11प्रतिशत लुढ़ककर ₹.325.25 पर पहुंच गए। राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में भी4.63प्रतिशत की गिरावट आई और यह ₹.116.15 पर कारोबार करता दिखाई दिया। दरअसल रविवार को सिकंदराबाद में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अगले1वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में देश के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी हो गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अभी भी ईंधन आयात पर काफी निर्भर है और ऐसे समय में देश को बचत और सादगी अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने ईंधन बचाने, गैर-जरूरी खर्च कम करने और घरेलू उत्पादों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड काल की कार्यशैली को फिर से अपनाने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो वहां Work From Home, Online Meeting और Virtual Conference को बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि अनावश्यक यात्रा और ईंधन खपत को कम किया जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने लोगों से विदेश यात्राओं और भव्य Destination Wedding से बचने की अपील की। प्रधानमंत्री ने घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने और देश के भीतर खर्च बढ़ाने पर जोर दिया ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। उधर वैश्विक तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच समझौता नहीं होने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल100डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। इसी वजह से सोमवार सुबह Sensex और Nifty में1प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।




