Home Business and Economyहॉरमुज खुलने के बाद भी कच्चे तेल की कीमतें Low $ 100s में रहने की संभावना: JPMorgan

हॉरमुज खुलने के बाद भी कच्चे तेल की कीमतें Low $ 100s में रहने की संभावना: JPMorgan

by Business Remedies
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JPMorgan Predicts Oil Prices To Stay In Low $ 100s Despite Hormuz Reopening

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति से जुड़ी बाधाओं के कारण वैश्विक कच्चे तेल बाजार में दबाव बना रह सकता है। अमेरिकी निवेश बैंक JPMorgan Chase एंड कंपनी की नई रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले लंबे समय तक कच्चे तेल की कीमतें Low $ 100s प्रति बैरल के स्तर पर बनी रह सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भले ही आने वाले कुछ सप्ताहों में स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज में सामान्य परिचालन फिर से शुरू हो जाए, इसके बावजूद तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना कम दिखाई दे रही है। समुद्री परिवहन, रिफाइनरी संचालन और तेल टैंकरों की उपलब्धता में बनी परेशानियां वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर लगातार असर डाल रही हैं।

JPMorgan के अनुसार, इन लॉजिस्टिक चुनौतियों के कारण तेल बाजार में जल्द स्थिरता आना मुश्किल हो सकता है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2026 में ब्रेंट क्रूड का औसत मूल्य करीब $ 97 प्रति बैरल रह सकता है। इससे साफ संकेत मिलता है कि मध्यम अवधि तक वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति का दबाव बना रह सकता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि केवल स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज का दोबारा खुलना बाजार को तुरंत स्थिर नहीं कर पाएगा, क्योंकि तेल परिवहन नेटवर्क में कई स्तरों पर समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं और इन्हें सामान्य होने में कई महीने लग सकते हैं। इस बीच मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड $ 105 प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया, जिसमें करीब 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यह तेजी उस समय आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की ओर से वॉशिंगटन के शांति प्रस्ताव पर दिए गए जवाब की आलोचना की। इससे पश्चिम एशिया में स्थिरता को लेकर नई चिंताएं बढ़ गईं और वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर की आशंका तेज हो गई।

वहीं West Texas Intermediate (WTI) क्रूड भी लगभग $ 100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया और इसमें भी करीब 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर, ओपेक द्वारा जारी आंकड़ों में बताया गया कि अप्रैल महीने में कच्चे तेल का उत्पादन प्रतिदिन 8.30 लाख बैरल घटकर 2.004 करोड़ बैरल प्रतिदिन रह गया। तेल कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक अनिश्चितता का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। Stock Market में Sensex और Nifty दोनों पर दबाव बना रहा और दोनों सूचकांकों में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।



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