पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने से सोने में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी मजबूती के साथ कारोबार करती रही। निवेशकों के बीच बढ़ती चिंता का असर कीमती धातुओं के बाजार पर साफ दिखाई दिया।
Multi Commodity Exchange (MCX) पर 5 जून वाले सोना वायदा की शुरुआत मामूली कमजोरी के साथ हुई। सोना ₹. 43 की गिरावट के साथ ₹. 1,52,487 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव ₹. 1,52,530 था। कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ता गया, जिससे सोने की कीमत में तेज गिरावट देखने को मिली। सुबह लगभग 11 बजे सोना ₹. 638 फिसलकर ₹. 1,51,892 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। हालांकि कारोबार के दौरान इसने ₹. 1,54,434 का ऊपरी स्तर भी छुआ।
दूसरी ओर, 3 जुलाई वाली चांदी वायदा में मजबूती बनी रही। चांदी की कीमत में लगभग ₹. 3,000 की तेजी आई और यह 1.14 प्रतिशत बढ़कर ₹. 2,64,922 प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई। रिपोर्ट लिखे जाने तक चांदी ₹. 630 की बढ़त के साथ ₹. 2,62,552 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। कारोबार के दौरान इसका निचला स्तर ₹. 2,61,800 रहा। जिंस बाजार के जानकारों के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचने की अपील ऐसे समय आई है, जब कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती अनिश्चितता भारत के आयात बिल और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं तो भारत का व्यापार घाटा और चालू खाता घाटा दोनों बढ़ सकते हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को अस्वीकार किए जाने के बाद डॉलर मजबूत हुआ, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा। इसके साथ ही तेल की कीमतों में उछाल ने भी निवेशकों की चिंता को और बढ़ा दिया। बाजार में अस्थिरता बढ़ने से सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने में भी उतार-चढ़ाव तेज हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सिकंदराबाद में भारतीय जनता पार्टी की जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से अगले 1 वर्ष तक गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए नागरिकों को जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। सरकार का मानना है कि सोने के आयात में कमी लाकर विदेशी मुद्रा की बचत की जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX पर सोना 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर $ 4,678 प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं चांदी मामूली 0.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ $ 80 प्रति औंस पर पहुंच गई। वैश्विक बाजारों में यह उतार-चढ़ाव अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें संघर्ष समाप्त करने, होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर शुरू करने की बात कही गई थी। हालांकि यूरेनियम से जुड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी, जिससे तनाव और बढ़ गया।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने ईरानी प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया की समीक्षा की है और उसे “अस्वीकार्य” पाया है। इसके बाद वैश्विक निवेशकों के बीच चिंता और बढ़ गई। इस बीच भारतीय मुद्रा में भी भारी कमजोरी देखने को मिली। सोमवार के शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 139 पैसे टूटकर 94.90 पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक तनाव के कारण रुपये पर दबाव लगातार बना हुआ है।




