Home Business and Economyवैश्विक तनाव के बीच पीएम मोदी की आर्थिक अपील को बड़े उद्योगपतियों का समर्थन

वैश्विक तनाव के बीच पीएम मोदी की आर्थिक अपील को बड़े उद्योगपतियों का समर्थन

by Business Remedies
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PM Modi Speaking On India Economic Stability And Foreign Exchange Savings

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सादगी, आर्थिक अनुशासन और आत्मनिर्भरता की अपील को देश के प्रमुख उद्योगपतियों ने मजबूत समर्थन दिया है। उद्योग जगत का मानना है कि ये कदम भारत की आर्थिक मजबूती बढ़ाने और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी हैं। टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भरता और संतुलित उपभोग पर दिए गए जोर का समर्थन करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत को सावधानीपूर्वक आर्थिक फैसले लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश को अपने संसाधनों का समझदारी से उपयोग करना चाहिए ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना मजबूती से किया जा सके।

वहीं भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने भी प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह समय भारत के लिए आर्थिक अनुशासन और घरेलू मजबूती को और अधिक प्राथमिकता देने का है। उनके अनुसार भारत को विदेशी निर्भरता कम करके घरेलू उत्पादन और बचत पर ध्यान देना चाहिए। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने भी प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसी प्रकार की राशनिंग लागू करना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कदम केवल भारत के विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की जनसभा को संबोधित करते हुए नागरिकों से ईंधन की बचत करने, अनावश्यक खरीदारी कम करने, विदेश यात्राओं से बचने और Work From Home जैसी डिजिटल कार्य प्रणालियों को फिर से अपनाने की अपील की थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में विदेशी मुद्रा की बचत देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने बताया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े स्तर पर आयातित ईंधन पर निर्भर है और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण देश पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन रहा है। ऐसे में ईंधन की खपत कम करने से विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कोविड – 19 महामारी के दौरान अपनाई गई Virtual Meetings, Online Meetings और Remote Working जैसी व्यवस्थाओं को फिर से प्राथमिकता देने की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी के दौरान देश ने सफलतापूर्वक डिजिटल कार्य प्रणाली को अपनाया था और अब राष्ट्रीय हित में इन व्यवस्थाओं को दोबारा बढ़ावा दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अगले एक वर्ष तक गैर जरूरी सोने की खरीदारी टालने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा। साथ ही उन्होंने खाद्य तेल की खपत कम करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे आर्थिक स्थिरता के साथ लोगों के स्वास्थ्य को भी लाभ मिलेगा।

उन्होंने Destination Wedding, विदेशी छुट्टियों और गैर जरूरी विदेश यात्राओं से बचने की सलाह देते हुए घरेलू पर्यटन और देश के भीतर समारोह आयोजित करने को बढ़ावा देने की अपील की। इसी बीच मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीणा राय ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में एक्सचेंज के लिए बुलियन खंड सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बना रहा। उन्होंने कहा कि बुलियन, ऊर्जा और धातु क्षेत्रों ने कुल वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस तिमाही में दैनिक लेनदेन 2 अरब तक पहुंच गया।



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