Noel Tata ने Tata Education And Development Trust( TEDT) में वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह की दोबारा नियुक्ति का विरोध किया है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, Noel Tata ने मतदान प्रक्रिया खत्म होने से एक दिन पहले ही अपना वोट डाल दिया, जिससे यह साफ हो गया कि दोनों ट्रस्टी अब अगले कार्यकाल के लिए नियुक्त नहीं हो पाएंगे। TEDT में दोबारा नियुक्ति के लिए सभी ट्रस्टियों की सर्वसम्मति जरूरी थी, लेकिन विरोध के बाद यह प्रस्ताव स्वतः समाप्त हो गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह अपने मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद TEDT से बाहर हो सकते हैं। यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि Noel Tata अब तक Tata Trusts के वरिष्ठ ट्रस्टियों के साथ प्रशासनिक मामलों में सामान्य सहमति रखते आए हैं। ऐसे में उनका यह रुख Tata Trusts के भीतर नेतृत्व और निगरानी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
TEDT, Tata Trusts के अंतर्गत काम करने वाली प्रमुख परोपकारी संस्थाओं में शामिल है। यह संस्था छात्रवृत्ति, शैक्षणिक सहायता कार्यक्रम और शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण अभियानों का संचालन करती है। हालांकि TEDT के पास Tata Sons में कोई हिस्सेदारी नहीं है, लेकिन इसके पास बड़ा कोष है और समूह की परोपकारी व्यवस्था में इसका प्रभाव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब Tata Trusts में प्रशासन और नेतृत्व से जुड़े कई मुद्दों पर गंभीर चर्चा चल रही है। वरिष्ठ ट्रस्टी Tata Sons बोर्ड में प्रतिनिधित्व, समूह की कुछ कंपनियों के प्रदर्शन और भविष्य के नेतृत्व से जुड़े विषयों पर विचार कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि Titan Company के पूर्व प्रबंध निदेशक भास्कर भट्ट को Tata Sons बोर्ड में शामिल करने को लेकर भी चर्चा हो रही है। वहीं, Tata Sons बोर्ड में Tata Trusts के नामित निदेशक के रूप में वेणु श्रीनिवासन की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। इससे पहले मेहली मिस्त्री और जे.एन. मिस्त्री ने भी इन प्रस्तावों के खिलाफ मतदान किया था। वहीं, Sir Dorabji Tata Trust और Sir Ratan Tata Trust की बैठकें, जो पहले इसी महीने होने वाली थीं, अब 16May को आयोजित की जाएंगी।




