Tuesday, September 15, 2026 |
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युवा वर्ग समय का नियोजन कर करें काम और माल की प्रमाणिकता का रखें विशेष ख्याल: श्रेयांस बैंगानी

by Business Remedies
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कुंजेश कुमार पतसारिया | बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। कोई भी व्यवसाय करने का जुनून हो तो उसे अपनी लगन और मेहनत से उत्तरोत्तर आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसा ही कर दिखाया है श्वेता ज्वैलर्स के प्रोपराइटर श्रेयांस बैंगानी ने। वर्ष 2011 में जयपुर के विद्याधर नगर में ज्वैलरी का शोरूम खोलकर 14 वर्षों से अपने व्यवहार, गुणवत्ता और ईमानदारी के दम पर ज्वैलरी व्यवसाय में इन्होंने पूरे क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम कर लिया है। ज्वैलरी व्यवसाय का जुनून होने के कारण इन्होंने करीब तीन वर्ष तक जॉब कर अनुभव हासिल किया, फिर ज्वैलरी व्यवसाय के गुण सीखकर खुद की फर्म स्थापित की और निरंतर इसे विस्तार देने की चाहत रखते हैं।

आपकी शैक्षणिक गतिविधियों को बताएं। कहां से शिक्षा ग्रहण की और कहां तक की है?

जयपुर से ही मैंने B.Com की है। फिर व्यवसाय करने का जुनून होने के कारण ज्वैलरी का व्यवसाय शुरू कर दिया।

व्यवसाय करने की प्रेरणा आपको कहां से मिली? इसका अनुभव कहां से लिया और व्यवसाय में किस तरीके की सेवाएं देते हैं?

व्यवसाय शुरू करने की प्रेरणा मुझे मेरे पिताजी श्रद्धानिष्ठ श्रावक स्व. श्री हनुमानमल जी बैंगानी से मिली, पर उनका व्यवसाय दूसरा था। मुझे शुरू से ही ज्वैलरी व्यवसाय में जाने की रुचि थी, इसलिए मैंने यह व्यवसाय चुना। वर्ष 2008 में एक-दो शोरूम पर जॉब कर तीन वर्ष तक काम सीखा। इसके बाद स्वयं की फर्म श्वेता ज्वैलर्स स्थापित कर व्यवसाय शुरू किया।
हम व्यवसाय में गोल्ड, सिल्वर, पॉलकी, कुंदन मीना, जैम्स व राशि रत्न और डायमंड ज्वैलरी उपलब्ध कराते हैं। इसके अलावा फैंसी ज्वैलरी भी रखते हैं। वर्तमान में ग्राहक लाइट-वेट यानी 2 से 3 ग्राम की ज्वैलरी खूब पसंद कर रहे हैं।
कोरोना के बाद से ग्राहकों का गोल्ड–सिल्वर ज्वैलरी पर विश्वास बढ़ा है। मशीनों से 3 से 8 ग्राम की नई-नई डिजाइन वाली लाइट-वेट ज्वैलरी भी तैयार कर रहे हैं। हमारी सभी ज्वैलरी हॉलमार्किंग और HOID चिन्हित है। हमारा ध्येय है कि ग्राहकों को संतुष्टि के साथ रियायती दरों पर ज्वैलरी प्रदान करें।

वर्तमान प्रतिस्पर्धा के युग में आपके समक्ष कौन-सी चुनौतियां आईं और उन्हें कैसे सुलझाया?

हर व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा रहती है। हमारे व्यवसाय में भी नई-नई चुनौतियां आईं, लेकिन ज्वैलरी व्यवसाय विश्वास और कस्टमर व्यवहार पर आधारित है। हमने इसे शुरू से ही सर्वोपरि रखा।
नए-नए डिजाइन, यूनिक कलेक्शन और माउथ पब्लिसिटी पर जोर दिया। हमारा ध्येय हमेशा ईमानदारी, गुणवत्ता और व्यवहार कुशलता रहा है। ग्राहक संतुष्टि ही हमारे व्यवसाय की नींव है।

सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य बताएंगे?

प्रति वर्ष हम सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य करते रहते हैं। मैं तेरापंथ युवक परिषद का सदस्य हूं, इसलिए समाज सेवा से संबंधित गतिविधियों में निरंतर सक्रिय रहता हूं।
हमारी संस्था द्वारा 17 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर पर रक्तदान शिविर आयोजित कर लगभग दो लाख यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
साथ ही, हमारी परिषद आचार्य तुलसी डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन मालवीय नगर, विद्याधर नगर और जवाहर नगर में करती है, जहां मरीजों की रियायती दरों पर जांच की जाती है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता भी समय-समय पर करते रहते हैं।

आपके आदर्श कौन हैं?

मेरे आदर्श सर्वप्रथम मेरी माताजी संथारा साधिका श्रीमती पुष्पा बैंगानी और पिताजी श्रद्धानिष्ठ श्रावक स्व. श्री हनुमानमल जी बैंगानी हैं। इसके अलावा परम पूज्य गुरुदेव युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रवण जी भी मेरे आदर्श हैं। इनके बताए सिद्धांतों और आदर्शों पर चलकर ही आगे बढ़ पा रहा हूं।

भविष्य में व्यवसाय को कहां तक विस्तार देना चाहते हैं?

हम आगे भी अपने व्यवसाय को निरंतर विस्तारित करने की इच्छा रखते हैं। इस वर्ष के अंत तक विद्याधर नगर में ही एक और शोरूम खोलने की तैयारी में हैं।

नए युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए क्या सुझाव देंगे?

युवाओं से मेरा सुझाव है कि किसी भी कार्य में समय का नियोजन करें, माल की प्रमाणिकता का विशेष ध्यान रखें और व्यवसाय में नई-नई तकनीक अपनाते रहें। तभी वे अपने व्यवसाय को उत्तरोत्तर आगे बढ़ा पाएंगे।

सरकार से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं?

सरकार से अपेक्षा है कि वह नए युवाओं को ज्वैलरी बिजनेस शुरू करने में मदद हेतु मशीनों पर सब्सिडी प्रदान करे, ताकि अधिक से अधिक युवा इस व्यवसाय में कदम रख सकें।

 



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