बिजऩेस रेमेडीज पिछले वर्ष NEET परीक्षा में लगभग 23 लाख छात्रों ने भाग लिया। इस वर्ष NEET 2025 परीक्षा 4 मई 2025 को देशभर में आयोजित की जाएगी। वर्ष 2024 में सर्वाधिक रजिस्ट्रेशन वाले पाँच प्रमुख राज्य थे – महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और कर्नाटक। इन राज्यों में राजस्थान ने एक अहम ट्रेंड दर्शाया है जहां हृश्वश्वञ्ज रजिस्ट्रेशन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में जहां राजस्थान से 1,48,364 छात्रों ने परीक्षा दी थी, वहीं 2024 में यह संख्या बढक़र 1,78,756 हो गई—जो लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि है। यह रुझान 2025 में भी बने रहने की संभावना है। इस वृद्धि का मुख्य कारण कोटा के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों जैसे एलन, मोशन, आकाश, और रेजोनेंस का प्रभाव है, जिससे कोटा को अब देश की ‘कोचिंग कैपिटल’ कहा जाने लगा है।
Motion Education के संस्थापक एवं सीईओ नितिन विजय कहते हैं, ‘National Testing Agency (NTA) की यह सराहना की जानी चाहिए कि वह उच्च शिक्षा के लिए पारदर्शी और मानकीकृत परीक्षा प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित कर रही है, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और मेरिट-आधारित बन रही है। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के साथ परीक्षा कराना एक बहुत बड़ी चुनौती है, फिर भी एनटीए ने कई सराहनीय कदम उठाए हैं। इनमें शामिल हैं—छात्रों की पहली प्राथमिकता के परीक्षा केंद्रों को तवज्जो देना, करीब 90 प्रतिशत केंद्रों को सरकारी संस्थानों जैसे केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और राज्य संचालित स्कूलों में रखना, केंद्रों का जियो-मैपिंग करना, राज्य और जिला स्तर की समितियां बनाना, केंद्र चयन और निगरानी में जिला कलेक्टरों और पुलिस जैसे स्थानीय प्रशासन की भागीदारी सुनिश्चित करना। इसके अतिरिक्त, झूठे दावों और गलत सूचनाओं से निपटने के लिए एक समर्पित ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल की शुरुआत भी एक स्वागतयोग्य कदम है।
गौरतलब है कि NEET रजिस्ट्रेशन के मामले में तीन बड़े राज्यों में से राजस्थान में सबसे अधिक नीट क्वालिफाई करने वाले छात्र हैं। 2023 में महाराष्ट्र से 2,77,903 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 1,31,008 पास हुए; उत्तर प्रदेश से 2,73,572 में से 1,39,961 पास हुए; जबकि राजस्थान से 1,48,364 में से 1,00,316 छात्र सफल हुए। वर्ष 2024 में महाराष्ट्र से 2,82,051 छात्रों ने परीक्षा दी, जिनमें से 1,42,665 पास हुए; उत्तर प्रदेश से 3,44,599 में से 1,65,047 सफल हुए, जबकि राजस्थान से 1,78,756 में से 1,21,240 छात्र सफल हुए—जो कि इन राज्यों में सबसे अधिक पास होने वाला अनुपात है।

