- Patanjali University के Summer Training Programme 2026 का भव्य समापन
- एक महीने चले Summer Training Programme-2026 का भव्य एवं प्रेरणादायी समापन
- देश के 11 राज्यों के विद्यार्थियों ने Patanjali में आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा समग्र व्यक्तित्व विकास का अद्वितीय अनुभव महसूस किया
- Patanjali University ने शिक्षा को पुस्तकों से आगे बढ़ाकर जीवन से जोड़ने का कार्य किया – Dr. Dhan Singh Rawat
Haridwar, 27 जून 2026। Patanjali University एवं Patanjali Research Institute, Haridwar के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक माह के Summer Training Programme-2026 का आज भव्य एवं गरिमामय समापन समारोह सम्पन्न हुआ। देश के 11 राज्यों से आए 130 छात्र-छात्राओं ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा समग्र व्यक्तित्व विकास का अद्वितीय अनुभव प्राप्त किया। कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को प्रयोगशाला आधारित वैज्ञानिक प्रशिक्षण के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, योग, यज्ञ एवं नैतिक मूल्यों से भी जोड़ने का कार्य किया।
समापन समारोह में Acharya Balkrishna तथा Dr. Dhan Singh Rawat ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
Acharya Balkrishna ने कहा कि भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा और आधुनिक विज्ञान एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला में शोध करने वाला विद्यार्थी यदि भारतीय संस्कृति, योग एवं यज्ञ की परंपरा से भी जुड़ा हो, तो उसका व्यक्तित्व अधिक संतुलित, अनुशासित एवं राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित बनता है।
उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे चाहते हैं कि यहां से जाने वाला प्रत्येक विद्यार्थी केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि चरित्रवान, शोधपरक और राष्ट्रनिर्माण के लिए समर्पित युवा बने।
मुख्य अतिथि Dr. Dhan Singh Rawat ने कहा कि Patanjali University का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम National Education Policy-2020 की भावना को साकार करता है, जहाँ विद्यार्थियों को केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल, अनुसंधान क्षमता, भारतीय ज्ञान प्रणाली तथा नैतिक संस्कारों का भी प्रशिक्षण दिया जाता है।
उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने संस्थानों में लौटकर यहाँ प्राप्त अनुभवों को साझा करें तथा विज्ञान एवं समाज के मध्य सेतु बनने का कार्य करें।
सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिया गया। समापन समारोह में विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्राध्यापक, शोधकर्ता, प्रशिक्षण समन्वयक, अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
समारोह का समापन सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य, राष्ट्र की वैज्ञानिक प्रगति तथा मानव कल्याण की मंगलकामना के साथ सम्पन्न हुआ।
महीने भर चला प्रशिक्षण कार्यक्रम
एक माह तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि प्रत्येक दिन का शुभारंभ वैदिक यज्ञ एवं योगाभ्यास से हुआ। इसके पश्चात विभिन्न प्रयोगशालाओं में आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों एवं अनुसंधान तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
सूक्ष्मजीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, जैव सूचना विज्ञान, औषधीय पादप, आणविक जीवविज्ञान तथा अन्य वैज्ञानिक विषयों पर विशेषज्ञ वैज्ञानिकों द्वारा व्याख्यान एवं प्रयोगात्मक सत्र आयोजित किए गए।
प्रतिभागियों का कैसा रहा अनुभव
प्रतिभागियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे उन्हें वैज्ञानिक सोच के साथ अनुशासित एवं संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा भी मिली।
उनका कहना था कि विज्ञान, योग, यज्ञ एवं नैतिक मूल्यों का ऐसा समन्वित प्रशिक्षण देश में विरल है और यह अनुभव उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक जीवन में सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
पांच उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मिला सम्मान
समापन समारोह का सर्वाधिक आकर्षक एवं भावनात्मक क्षण वह रहा जब प्रशिक्षण अवधि के दौरान शैक्षणिक उपलब्धियों, प्रयोगशाला कार्य, अनुशासन, योग एवं यज्ञ में सहभागिता तथा समग्र व्यक्तित्व विकास के आधार पर चयनित पांच उत्कृष्ट प्रतिभागियों को हवन-किट भेंट कर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान भारतीय संस्कृति एवं वैज्ञानिक उत्कृष्टता के समन्वय का प्रतीक रहा।
पांच उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इनमें Chandrika Goyal, Sharda University, Greater Noida (Uttar Pradesh), Meghna Gupta, Sharda University, Greater Noida (Uttar Pradesh), Badal Panchal, ITM University, Bhopal (Madhya Pradesh), Arvitika Tyagi, SD College of Pharmacy, Uttar Pradesh तथा Ananya Uniyal, Graphic Era (Deemed to be University), Uttarakhand शामिल हैं।
सभी विजेताओं को Acharya Balkrishna एवं Dr. Dhan Singh Rawat ने स्मृति-चिह्न स्वरूप हवन-किट प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

