भारत के सेवा क्षेत्र ने June में भी लगातार वृद्धि दर्ज की। HSBC द्वारा जारी India Services PMI के अनुसार, June में Services PMI बढ़कर 57.4 पर रहा। यह आंकड़ा 50 के तटस्थ स्तर से काफी ऊपर है, जिससे स्पष्ट होता है कि देश में व्यावसायिक गतिविधियां लगातार विस्तार कर रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण, ई-कॉमर्स की मजबूत मांग, ग्राहकों की बढ़ती बुकिंग और स्थानीय पर्यटन में सुधार ने सेवा क्षेत्र को मजबूती प्रदान की। इन कारणों से कंपनियों के कारोबार में निरंतर बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि, सेवा क्षेत्र की वृद्धि की रफ्तार में कुछ नरमी भी दर्ज की गई। नए कारोबार में बढ़ोतरी की गति पिछले ढाई वर्षों से अधिक समय में सबसे धीमी रही। कई कंपनियों ने बताया कि बाजार की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और ग्राहकों की घटती रुचि के कारण नए ऑर्डर मिलने की रफ्तार प्रभावित हुई।
एचएसबीसी की Chief India Economist प्रांजुल भंडारी ने कहा कि India Services PMI अभी भी विस्तार के क्षेत्र में बना हुआ है, लेकिन June में इसकी गति कुछ धीमी हुई है। इससे संकेत मिलता है कि विशेष रूप से घरेलू बाजार में मांग कमजोर हुई है। इसके बावजूद विदेशी बाजारों से मिलने वाली मांग मजबूत बनी रही और विदेशी बिक्री में वृद्धि तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। रिपोर्ट में बताया गया कि विदेशी मांग सेवा क्षेत्र के लिए सकारात्मक बनी रही। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका जैसे देशों से मजबूत मांग मिलने के कारण नए निर्यात ऑर्डर पिछले तीन महीनों में सबसे तेज गति से बढ़े।
रोजगार के मोर्चे पर स्थिति लगभग स्थिर रही। कंपनियों ने बताया कि April और May में बड़े स्तर पर भर्ती होने के बाद मौजूदा कर्मचारियों की संख्या कारोबार की जरूरतों के लिए पर्याप्त रही, इसलिए नई नियुक्तियों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया। कारोबारी भरोसे में हल्की नरमी जरूर देखी गई, लेकिन अधिकांश कंपनियों को आने वाले एक वर्ष में कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। नई ग्राहक पूछताछ, विपणन गतिविधियों में तेजी और प्रौद्योगिकी में निवेश को भविष्य की वृद्धि का प्रमुख आधार माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, महंगाई का दबाव भी कुछ कम हुआ है। कारोबार की लागत में वृद्धि की दर पिछले 5 महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई, जबकि सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी की गति November2025 के बाद सबसे कमजोर रही। समग्र निजी क्षेत्र में भी विस्तार का सिलसिला जारी रहा। HSBC India Composite PMI Output Index June में 57.1 दर्ज किया गया, जिससे संकेत मिलता है कि विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां लगातार मजबूत बनी हुई हैं।

