Saturday, July 4, 2026 |
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India-France Strategic Partnership से नवाचार आधारित विकास को मिलेगी नई गति: निर्मला सीतारमण

by Business Remedies
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Nirmala Sitharaman Addressing India-France Business Roundtable In Paris On Strategic Partnership And Investment

भारत और फ्रांस के बीच India-France Strategic Partnership सतत, मजबूत और नवाचार आधारित विकास के अगले चरण को आगे बढ़ाने के लिए सबसे उपयुक्त साझेदारी बनकर उभर रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेरिस में आयोजित India-France Business Roundtable को संबोधित करते हुए कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रौद्योगिकी परिवर्तन, आपूर्ति श्रृंखला का विविधीकरण, ऊर्जा परिवर्तन और भू-राजनीतिक परिस्थितियां नई संभावनाएं पैदा कर रही हैं।

उन्होंने फ्रांस की कंपनियों और निवेशकों को Viksit Bharat 2047 के लक्ष्य की दिशा में भारत के साथ भागीदारी करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस को अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाते हुए साझा समृद्धि की दिशा में मिलकर कार्य करना चाहिए।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक AI पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देने में भारत और फ्रांस भरोसेमंद साझेदार हैं। विश्वसनीय AI, डिजिटल अवसंरचना और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में लगातार बढ़ती मजबूती का भी उल्लेख किया। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग दोगुना हो चुका है। साथ ही, लगभग 1,000 फ्रांसीसी कंपनियां भारत में विभिन्न क्षेत्रों में परिचालन कर रही हैं, जो दोनों देशों के मजबूत आर्थिक संबंधों का प्रमाण है।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया की अग्रणी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। आधार, UPI, DigiLocker, ONDC और India Stack जैसी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के कारण भारत वैश्विक स्तर पर होने वाले वास्तविक समय के डिजिटल भुगतान का लगभग आधा हिस्सा संभाल रहा है। इससे निवेश, नवाचार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत की स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन की महत्वाकांक्षी योजना भी निवेशकों के लिए बड़े अवसर लेकर आई है। वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य, National Green Hydrogen Mission तथा Production Linked Incentive (PLI) योजनाओं के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, बैटरी भंडारण, अपतटीय पवन ऊर्जा और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावनाएं तैयार हुई हैं।

निर्मला सीतारमण ने International Financial Services Centre Authority का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हुआ है। जून 2026 तक यहां 1,200 से अधिक संस्थाएं पंजीकृत हो चुकी हैं। यहां बैंकिंग परिसंपत्तियां 111अरब अमेरिकी डॉलर, संचयी बैंकिंग लेनदेन 176अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुके हैं। इसके अलावा बैंकिंग, कोष प्रबंधन, लीजिंग, Global Capability Centres, पुनर्बीमा और सतत वित्त जैसे क्षेत्रों में भी लगातार नए अवसर विकसित हो रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, औषधि निर्माण और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी भारत और फ्रांस के बीच गहरे सहयोग पर जोर दिया। जीवन विज्ञान, टीका निर्माण, सक्रिय औषधीय संघटक, नैदानिक अनुसंधान, सटीक चिकित्सा और डिजिटल स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की विशेषज्ञता का लाभ उठाकर मजबूत स्वास्थ्य आपूर्ति श्रृंखला विकसित की जा सकती है।

वित्त मंत्री ने National Investment And Infrastructure Fund का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मंच के माध्यम से दीर्घकालिक निवेश के बड़े अवसर उपलब्ध हैं। इसका आगामी 3.5अरब अमेरिकी डॉलर का Infrastructure Fund II तथा 1अरब अमेरिकी डॉलर का Private Markets Fund II निवेशकों को अवसंरचना, डिजिटल अवसंरचना, हरित हाइड्रोजन, ऊर्जा परिवर्तन और अन्य तेज़ी से बढ़ते क्षेत्रों में निवेश का अवसर प्रदान करेगा।



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