नई दिल्ली | बिजनेस रेमेडीज | भारत में कुल Internet Subscribers की संख्या तिमाही आधार पर 6.24 प्रतिशत बढ़कर 1.09 अरब हो गई है, जो कि दिसंबर 2025 में 1.02 अरब थी। यह जानकारी Telecom Regulator की ओर से जारी रिपोर्ट में दी गई। TRAI की रिपोर्ट में कहा गया कि कुल Internet Subscribers में से 1.04 अरब Wireless हैं, जबकि 4.6 करोड़ Wireline (तार) के माध्यम से Internet का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही बताया कि इसमें से 1.06 अरब Broadband और 2.6 करोड़ Narrowband Subscribers हैं। मार्च 2026 तक Broadband Subscriber Base में तिमाही आधार पर 5.81 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि Narrowband Subscription में 26.62 प्रतिशत का उछाल आया।
Tele-Density और ARPU में वृद्धि
Wireline Tele-Density दिसंबर 2025 के आखिर में 3.33 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2026 के आखिर में 3.38 प्रतिशत हो गई, जिसमें 1.64 प्रतिशत की तिमाही विकास दर रही। कुल Telephone Subscribers की संख्या बढ़कर 1.33 अरब हो गई है, जिससे कुल Tele-Density पिछली तिमाही के 91.74 प्रतिशत से बढ़कर 93.26 प्रतिशत हो गई। इस बीच, Wireless Service के लिए प्रति User औसत Revenue तिमाही आधार पर 0.76 प्रतिशत बढ़कर 196.04 रुपये हो गया, और सालाना आधार पर मासिक ARPU में 7.15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। देश में एक माह में प्रति User इस्तेमाल होने वाले औसत Prepaid Minutes मार्च 2026 में बढ़कर 1017 पर पहुंच गए हैं। यह आंकड़ा दिसंबर 2025 को समाप्त होने वाली तिमाही में 1012 पर था, जो तिमाही आधार पर 0.43 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है।
License Fee और Satellite TV Channels का आंकड़ा
दिसंबर 2025 में समाप्त हुई तिमाही के लिए License Fee 6,733 करोड़ रुपये थी, जो अगली तिमाही में बढ़कर 6,936 करोड़ रुपये हो गई है। मार्च तिमाही में License Fee की तिमाही और सालाना Growth Rate क्रमशः 3.02 प्रतिशत और 9.41 प्रतिशत रही। Ministry of Information and Broadcasting ने कुल 917 Private Satellite TV Channels को सिर्फ Uplinking, सिर्फ Downlinking या Uplinking और Downlinking दोनों के लिए मंजूरी दी है। भारत में Downlinking के लिए उपलब्ध मंजूरी प्राप्त 908 Satellite TV Channels में से मार्च के अंत तक 342 Satellite Pay TV Channels चालू थे।

