नई दिल्ली: Meta समर्थित मैसेजिंग मंच WhatsApp ने स्पष्ट किया है कि उसका आगामी Username फीचर पूरी तरह वैकल्पिक होगा। किसी भी उपयोगकर्ता के लिए Username बनाना अनिवार्य नहीं होगा। कंपनी ने यह भी कहा कि प्रतिरूपण, धोखाधड़ी और अनचाहे संपर्क जैसी समस्याओं को रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय पहले से ही तैयार किए गए हैं। कंपनी इस फीचर को इस वर्ष व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी कर रही है।
हाल ही में इस फीचर को लेकर कई तरह की आशंकाएं सामने आई थीं। इसके बाद WhatsApp ने X पर पूछे गए सामान्य सवालों के जवाब देते हुए स्थिति स्पष्ट की। इससे पहले केंद्र सरकार ने भी कंपनी से इस फीचर को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी थी और परामर्श पूरा होने तक भारत में इसे लागू नहीं करने के लिए कहा था। कंपनी ने बताया कि मौजूदा Instagram और Facebook के Username, सार्वजनिक हस्तियों, प्रसिद्ध व्यक्तियों, सरकारी संस्थाओं तथा Meta Verified खातों के Username पहले से सुरक्षित रखे गए हैं। ऐसे Username केवल उनके वास्तविक और अधिकृत मालिक ही प्राप्त कर सकेंगे।
WhatsApp ने सोशल मीडिया पर फैल रहे उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि लोकप्रिय Username कोई भी पहले आकर सुरक्षित कर सकता है। कंपनी के अनुसार, प्रसिद्ध व्यक्तियों के नाम और उनसे जुड़े अन्य Username केवल उनके वास्तविक मालिकों को ही उपलब्ध कराए जाएंगे। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल Username के माध्यम से संदेश भेजने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जब यह फीचर इस वर्ष शुरू होगा, तब किसी अनजान व्यक्ति का संदेश आने पर उपयोगकर्ता को पहले उस प्रेषक के देश की जानकारी, खाता नया है या पुराना, तथा क्या दोनों किसी समान समूह में शामिल हैं, जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दिखाई जाएगी। इसके बाद ही उपयोगकर्ता यह तय कर सकेगा कि उसे उत्तर देना है या नहीं।
इसके अलावा WhatsApp ने कहा कि Username को मोबाइल नंबर की तरह खोजा नहीं जा सकेगा। कंपनी एक अतिरिक्त Username Key सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। यदि कोई उपयोगकर्ता इस सुविधा को सक्रिय करता है, तो उससे संपर्क करने के लिए केवल Username ही नहीं बल्कि Username Key की भी आवश्यकता होगी। इससे अनचाहे संदेशों और फर्जी संपर्कों पर अतिरिक्त नियंत्रण मिलेगा। इससे पहले केंद्र सरकार ने WhatsApp से Username फीचर पर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया था कि परामर्श प्रक्रिया पूरी होने तक इस फीचर को भारत में लागू नहीं किया जाए। सरकार ने Meta से भी इस नए फीचर की विस्तृत जानकारी मांगी है और निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है।

