Monday, July 13, 2026 |
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वेदांता की नंद घर पहल : राजस्थान सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ किया एमओयू

25,000 नंद घरों के माध्यम से ग्रामीण राजस्थान को बदलने का संकल्प

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। एक ऐतिहासिक कदम के तहत, वेदांता की सामाजिक प्रभाव शाखा, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन (आफ) की प्रमुख पहल, नंद घर ने राजस्थान सरकार के साथ एमओयू किया है। इस एमओयू के तहत राज्य में 25,000 नंद घर स्थापित किए जाएंगे। यह एमओयू राजस्थान सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव, महेंद्र सोनी और नंद घर, वेदांता के सीईओ, शशि अरोड़ा के बीच किया गया। इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए राजस्थान की माननीय उपमुख्यमंत्री, दिया कुमारी उपस्थित रहीं।
यह साझेदारी राज्य की महिलाओं और बच्चों के लिए एक उज्जवल और स्वस्थ भविष्य बनाने के लिए नंद घर और राजस्थान सरकार के बीच एक साझा दृष्टिकोण को दर्शाती है। राजस्थान सरकार ने हमेशा कुपोषण से मुक्ति और प्रारंभिक बाल शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन पहलों को प्राथमिकता दी है जो महिलाओं के सशक्तिकरण और आगामी पीढ़ी के विकास को प्रोत्साहित करती हैं। यह सहयोग इन लक्ष्यों को साकार करने और राज्य में समग्र विकास की नींव रखने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
शशि अरोड़ा, सीईओ-नंद घर, ने कहा कि “अब तक 15 राज्यों में 7000 से अधिक नंद घर स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे 2,80,000 बच्चों और 2,10,000 महिलाओं को लाभ मिला है। मैं राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने हमें राज्य में 25,000 नंद घर स्थापित करने का अवसर दिया। इसके माध्यम से, हमारा लक्ष्य अवसर प्रदान करना, जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना और यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण भारत में हर महिला और बच्चे को आगे बढऩे का मौका मिले, जिससे एक उज्जवल और मजबूत राजस्थान का मार्ग प्रशस्त हो सके।”
अनिल अग्रवाल फाउंडेशन (आफ) और राजस्थान सरकार के बीच हुए इस एमओयू का उद्देश्य राजस्थान सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप 25,000 नंद घरों का विकास करना है। नंद घर बच्चों और महिलाओं के संपूर्ण विकास के लिए तकनीकी रूप से उन्नत केंद्र हैं। आफ बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य को सुधारने, पोषण संबंधी चुनौतियों को हल करने, और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को ब?ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रत्येक नंद घर में स्मार्ट लर्निंग टूल्स, डिजिटल सुविधाएं, बिजली, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराए जाते हैं, जो बच्चों और महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सक्षम वातावरण तैयार करता है। शिक्षा में सुधार के अलावा, ये केंद्र बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण की सुविधा प्रदान करके कुपोषण से मुक्ति पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही साथ ही यहां नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण अभियान और सामुदायिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। ये केंद्र शिक्षा में बदलाव लाने के साथ-साथ कुपोषण से लडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अब तक राजस्थान के 17 जिलों में 3600 से अधिक नंद घर स्थापित किए जा चुके हैं। इस साझेदारी के माध्यम से राजस्थान के सभी जिलों में इस पहल का विस्तार किया जाएगा।



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