बिजनेस रेमेडीज़/उदयपुर। निर्यात हमारे आर्थिक विकास का आधार है। यह नवाचार को बढ़ावा देता है, रोजगार के नए अवसर पैदा करता है, और धन सृजन में सहायक होता है। यह व्यापार को घरेलू सीमाओं से बाहर निकालकर वैश्विक स्तर पर विस्तार करने में मदद करता है। राजस्थान, विशेषकर उदयपुर, में खनिज, वस्त्र, हस्तशिल्प, संगमरमर, और इंजीनियरिंग उत्पादों जैसे क्षेत्रों में मजबूत आधार है, जो वैश्विक बाजार के लिए असीम संभावनाएं प्रस्तुत करता है।
उपरोक्त विचार एम.एल. लूणावत ने व्यक्त किये।
मानद महासचिव डॉ. पवन तलेसरा ने जानकारी देते हुए बताया कि उदयपुर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्री (यूसीसीआई) द्वारा फेडरेशन ऑफ इण्डियन एक्सपोर्ट ऑरगेनाइजेशन (फियो) के संयुक्त तत्वावधान में ‘निर्यात संवर्धन कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया।
आरम्भ में अध्यक्ष एम.एल. लूणावत ने कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए यूसीसीआई द्वारा उदयपुर सम्भाग में उद्योग और व्यवसाय को प्रोत्साहन प्रदान करने हेतु संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। लूणावत ने कहा कि आने वाले समय में मैन्युफैक्चरिंग इण्डस्ट्री के उत्पादन एवं अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में निर्यात द्वारा देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होकर उभरेगी। उन्होंने उदयपुर सम्भाग से निर्यात बढ़ाने हेतु यूसीसीआई द्वारा किये जा रहे प्रयासों के विषय में अवगत कराया।
फैडरेशन ऑफ इण्डियन एक्सपोर्ट ऑरगेनाईजेशन्स के भूपेन्द्रसिंह ने फियो की गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी दी। सिंह ने देश से निर्यात बढ़ाने हेतु फियो द्वारा निर्यातकों को प्रदान की जा रही सेवाओं के बारे में अवगत कराया।
तकनीकी सत्र के दौरान जिला उद्योग केन्द्र के संयुक्त निदेशक एवं महाप्रबन्धक शैलेन्द्र शर्मा ने राजस्थान सरकार के उद्योग विभाग की निर्यात संवर्धन योजनाएं तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रमों के लिये सरकार द्वारा जारी विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
कस्टम्स विभाग के सहायक आयुक्त धनमान मीणा ने निर्यात किये जाने वाले उत्पाद हेतु कस्टम्स क्लीयरेन्स प्राप्त करने संबंधी प्रक्रिया तथा निर्यात बढ़ाने में कस्टम्स विभाग की भूमिका के बारे में जानकारी दी। जॉईन्ट डीजीएफटी श्रीमान अभिषेक शर्मा ने डीजीएफटी की नई अनुदान योजनाओं के बारे में जानकारी दी। राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड के उप निदेशक एम.एल. गुप्ता ने राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड की योजनाओं के बारे में स्लाइड प्रस्तुति दी। निर्यात विशेषज्ञ एवं पूर्व बैंक अधिकारी गौरांग वसावडा ने निर्यात बैंकिंग प्रक्रिया तथा निर्यात बिलों के भुगतान बाबत इडीपीएमएस एवं भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के बारे में जानकारी दी। पंजाब नेशनल बैंक के उपमहाप्रबन्धक सुरेन्द्र कुमार विश्वकर्मा ने निर्यात सम्बन्धी वित्तीय प्रक्रिया के विषय में जानकारी दी। ईसीजीसी जोधपुर शाखा के महाप्रबन्धक कल्पतरु बहेडा ने ईसीजीसी की नीतियां, निर्यात वित्त और निर्यात ऋण बीमा के विषय में जानकारी दी। सत्र के दौरान डॉ पवन तलेसरा ने उदयपुर सम्भाग के निर्यातकों की समस्याएं प्रस्तुत करते हुए इनके निराकरण के सम्बन्ध में सुझाव प्रस्तुत किये। प्रश्नकाल के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गये प्रश्नों एवं उठाई गई शंकाओं का विषय विशेषज्ञों ने समाधान किया। कार्यक्रम का संचालन फियो के भूपिन्दर सिंह ने किया। कार्यशाला में उदयपुर के प्रमुख निर्यातक संगठनों के लगभग 200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

