बिजनेस रेमेडीज़/नई दिल्ली। भारत में लोग अब छोटा घर खरीदने से पीछे हट रहे हैं। देश में लग्जरी होम्स की मांग में वृद्धि होने के साथ ही बड़े साइज के घर खरीदने में भी लोगों की रुचि बढ रही है। इसका सबूत है साल 2024 में देश के शीर्ष सात शहरों में औसत फ्लैट का साइज 8 प्रतिशत बढक़र 1,540 स्क्वायर फीट हो जाना। घरों का औसत साइज 2023 में 1,420 स्क्वायर फीट था। इससे साफ है कि लोग अब बड़े साइज के घर को तव्वजो दे रहे हैं। हाल ही एनारॉक ग्रुप द्वारा जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024 में नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) में औसत फ्लैट साइज 29 फीसदी बढक़र 2,435 स्क्वायर फीट हो गया है, जो कि 2023 में 1,890 स्क्वायर फीट था।
रिपोर्ट के अनुसार, एनसीआर में फ्लैट का आकार बढऩे का मुख्य कारण लक्जरी घरों की बढ़ती आपूर्ति है। एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी के मुताबिक, डेवलपर्स ने खरीदारों की मांग को समझते हुए 1.5 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले लक्जरी फ्लैट्स का निर्माण किया। 2024 में एनसीआर में लॉन्च हुए 53,000 फ्लैट्स में से 70% लक्जरी सेगमेंट के थे।
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) में फ्लैट के आकार में सबसे कम वृद्धि देखी गई। 2019 में जहां औसत फ्लैट का आकार 784 वर्ग फुट था, वहीं 2024 में यह केवल 849 वर्ग फुट हुआ, जो 8% की वृद्धि है। दक्षिणी शहरों में भी फ्लैट के आकार बढे हैं। साल 2024 में चेन्नई में औसत फ्लैट का आकार 1,445 वर्ग फुट रहा। बेंगलुरु में यह 1,660 वर्ग फुट तक पहुंच गया. कोलकाता में औसत आकार 1,149 वर्ग फुट और पुणे में 1,135 वर्ग फुट दर्ज किया गया।
एनसीआर में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी: रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीआर में पिछले 6 वर्षों में फ्लैट का औसत आकार 95% बढ़ा। 2019 में यह 1,250 वर्ग फुट था, जो 2024 में 2,435 वर्ग फुट हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी जगह की मांग और लक्जरी घरों की लोकप्रियता ने फ्लैट के आकार में इस वृद्धि को बढ़ावा दिया है। एनसीआर में बड़े फ्लैट्स अब शहरी खरीदारों की पहली पसंद बन गए हैं।
रिपोर्ट से साफ है कि भारत में घरों के औसत आकार में लगातार वृद्धि हो रही है, खासकर लक्जरी सेगमेंट में. यह न केवल बदलते लाइफस्टाइल को दर्शाता है, बल्कि डेवलपर्स की खरीदारों की जरूरतों को समझने की क्षमता भी दिखाता है।

