भारत के शीर्ष 7 शहरों का कार्यालय बाज़ार वर्ष 2026 की पहली छमाही ( जनवरी से जून ) में मजबूत बना रहा। इस दौरान कुल 35.7 मिलियन वर्गफुट कार्यालय स्थान का उपयोग हुआ, जो वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है। हालांकि दूसरी तिमाही की गति कुछ धीमी रही, फिर भी कुल प्रदर्शन सकारात्मक बना रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही ( अप्रैल से जून ) में 17.4 मिलियन वर्गफुट ग्रेड-ए कार्यालय स्थान का उपयोग दर्ज किया गया। पहली तिमाही की तुलना में इसमें हल्की कमी आई, लेकिन वैश्विक व्यापार में जारी चुनौतियों और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय कार्यालय बाज़ार ने मजबूती बनाए रखी। कोलियर्स इंडिया के प्रबंध निदेशक ( कार्यालय सेवाएं ) अर्पित मेहरोत्रा ने कहा कि वर्ष की दूसरी तिमाही में भी भारतीय कार्यालय बाज़ार मजबूत बना रहा। पहली तिमाही का बेहतर प्रदर्शन दूसरी तिमाही के लिए सहारा साबित हुआ और वैश्विक संकट का असर सीमित रहा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही लगातार 9वीं ऐसी तिमाही रही, जिसमें शीर्ष 7 कार्यालय बाज़ारों में कम-से-कम 15 मिलियन वर्गफुट ग्रेड-ए कार्यालय स्थान का उपयोग हुआ। यह भारतीय कार्यालय बाज़ार की मजबूत बुनियाद को दर्शाता है, जिसने पिछले एक दशक में कई उतार-चढ़ाव के बावजूद अपनी मजबूती साबित की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत वैश्विक क्षमता केंद्र ( जीसीसी ) स्थापित करने के लिए सबसे पसंदीदा देशों में बना हुआ है। कम लागत, कुशल प्रतिभा की उपलब्धता और घरेलू अर्थव्यवस्था की निरंतर वृद्धि के कारण वाणिज्यिक अचल संपत्ति क्षेत्र को लगातार मजबूती मिल रही है।
वर्ष 2026 की पहली छमाही में बेंगलुरु सबसे बड़ा कार्यालय बाज़ार बना रहा। यहां 10.5 मिलियन वर्गफुट कार्यालय स्थान का उपयोग हुआ, जो कुल मांग का 29 प्रतिशत हिस्सा रहा। वहीं हैदराबाद में लगभग 7.2 मिलियन वर्गफुट कार्यालय स्थान पट्टे पर लिया गया, जो कुल मांग का लगभग पांचवां हिस्सा रहा। खास बात यह रही कि हैदराबाद में पट्टे पर कार्यालय लेने की गतिविधियों में सालाना आधार पर 47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इसके अलावा दिल्ली एनसीआर, मुंबई और चेन्नई में भी वर्ष की पहली छमाही के दौरान 4 मिलियन से 5 मिलियन वर्गफुट के बीच कार्यालय स्थान का पट्टा हुआ। कोलियर्स इंडिया के राष्ट्रीय निदेशक एवं शोध प्रमुख विमल नाडर के अनुसार, वर्ष 2026 के दौरान कुल ग्रेड-ए कार्यालय स्थान की मांग में जीसीसी कंपनियों की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से 50 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। इससे स्पष्ट है कि आने वाले समय में भारत का कार्यालय बाज़ार वैश्विक कंपनियों के विस्तार का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।

