Tuesday, September 29, 2026 |
Home Corporate WorldH.G. Infra Engineering Limited को पहली तिमाही में शुद्ध घाटा उठाना पड़ा

H.G. Infra Engineering Limited को पहली तिमाही में शुद्ध घाटा उठाना पड़ा

by Business Remedies
0 comments
जयपुर। जयपुर आधारित एच.जी. इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही  के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं, जिसमें एक बड़े असाधारण प्रावधान के चलते कंपनी को इस तिमाही में शुद्ध घाटा उठाना पड़ा है। 30 जून 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में कंपनी को 445.18 मिलियन रुपये (लगभग 44.52 करोड़ रुपये) का समेकित शुद्ध घाटा  हुआ है, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही (30 जून 2025 को समाप्त) में कंपनी ने 992.64 मिलियन रुपये का शानदार शुद्ध लाभ दर्ज किया था। इसके अतिरिक्त, तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी पिछली तिमाही (31 मार्च 2026 को समाप्त) के 846.26 मिलियन रुपये के शुद्ध लाभ के मुकाबले गिरावट आई है। चालू तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय 11,005.85 मिलियन रुपये रही, जिससे कंपनी की कुल आय 11,060.51 मिलियन रुपये दर्ज की गई है। इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 9,594.42 मिलियन रुपये रहा, जिसमें कच्चे माल की खपत (Cost of materials consumed) 3,811.04 मिलियन रुपये रही। इस घाटे के कारण कंपनी का प्रति शेयर अर्जन (ईपीएस) भी पिछले साल के सकारात्मक 15.23 रुपये से घटकर माइनस (6.83) रुपये पर आ गया है।
एच.जी. इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड भारत की एक अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और निर्माण कंपनी है, जो मुख्य रूप से राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों, सड़कों, पुलों, फ्लाईओवरों के साथ-साथ रेलवे, मेट्रो और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण कार्यों में सक्रिय है। वर्ष 2003 में निगमित इस कंपनी का पंजीकृत कार्यालय 14, पंचवटी कॉलोनी, रातानाडा, जोधपुर, राजस्थान में स्थित है। अपनी सुदृढ़ निर्माण क्षमताओं, आधुनिक मशीनरी बैंक और समय पर परियोजनाओं को पूरा करने के ट्रैक रिकॉर्ड के कारण कंपनी ने प्रतिष्ठा अर्जित की है।
घाटे पर प्रबंधन का रुख और भविष्य का दृष्टिकोण : वित्तीय आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि कंपनी का मूल परिचालन प्रदर्शन मजबूत बना हुआ था और असाधारण मदों से पहले इसका मुनाफा 1,466.09 मिलियन रुपये की अच्छी स्थिति में था। हालांकि, तिमाही के दौरान 1,467.81 मिलियन रुपये की एक बड़ी असाधारण मद के कारण कंपनी का शुद्ध परिणाम घाटे में बदल गया। प्रबंधन के अनुसार, यह घाटा किसी व्यावसायिक विफलता के कारण नहीं बल्कि एकमुश्त लेखांकन समायोजन या विशिष्ट परियोजना प्रावधानों/दावों से जुड़ी असाधारण परिस्थितियों के कारण हुआ है, जो कि अस्थायी प्रकृति का है।
भविष्य के विकास को लेकर प्रबंधन का दृष्टिकोण बेहद सकारात्मक और मजबूत है। कंपनी अपनी ऑर्डर बुक को लगातार मजबूत कर रही है और राजमार्गों के अलावा रेलवे, टनल और ग्रीन एनर्जी जैसे नए वर्टिकल्स में बड़े पैमाने पर विविधता ला रही है। प्रबंधन को पूरा विश्वास है कि आने वाली तिमाहियों में निर्माण कार्यों की गति में तेजी आने और नए स्वीकृत प्रोजेक्ट्स के धरातल पर उतरने के साथ ही कंपनी का राजस्व फिर से पुरानी रफ्तार पकड़ लेगा और परिचालन मार्जिन ऐतिहासिक स्तरों पर वापस लौट आएगा।
   निष्कर्ष रूप से कह सकते हैं कंपनी के शेयर प्रदर्शन को देखते हुए लग रहा है कि कंपनी लगातार गिर रही है। 2024 में कंपनी ने उच्चतम 1750 रुपए के स्तर हासिल किए थे और वहां से गिरकर कंपनी का शेयर 450 रुपए के स्तर तक गिर चुका है और वर्तमान में 550 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा है। 1 वर्ष में कंपनी के शेयर में करीब 43 फ़ीसदी की गिरावट आई है।


You may also like

Leave a Comment