Monday, July 13, 2026 |
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व्यवसाय का अनुभव लेकर मेहनत व लगन से अपने काम को अंजाम दें युवा, सफलता जरूर मिलेगी: हुकुमसिंह राठौड़

by Business Remedies
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कुंजेश कुमार पतसारिया | बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। पाली जिले के रानी तहसील के आंकडावास में जन्में हुकुमसिंह राठौड़ के व्यवसाय का दौर शुरुआत में चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन अपनी मेहनत और जुनून के दम पर आज परम्परागत आभूषणों के बिजनेस में राजस्थान में अपना अलग ही मुकाम स्थापित किया है। अपने सहभागियों व मित्रों के परामर्श से वे ज्वैलरी के व्यवसाय में आए और मुंबई, बैंगलोर और चैन्नई में ज्वैलरी का होलसेल बिक्री का काम शुरू किया। कम पूंजी में वहीं से उनकी ज्वैलरी के व्यवसाय का सफर शुरू हो गया। दो-तीन साल इन्होंने ज्वैलरी व्यवसाय के गुर सिखे और पार्टनरशीप में वर्ष, २००८ में बैंगलोर से और वर्ष, २०१५ में जयपुर से स्वयं का शिव ज्वैलर्स ब्रांड से ज्वैलरी का व्यवसाय शुरू कर दिया। वर्तमान में इन्होंने परम्परागत और आधुनिक डिजाइनों का मिश्रण कर राजपूती आभूषणों में झोटवाड़ा इलाके सहित राजस्थान में अपनी अलग पहचान कायम की है। इन्हें अपने ज्वैलरी व्यवसाय के लिए कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय अवॉर्ड भी मिल चुके हैं। इनके परम्परागत राजपूती आभूषणों की भारत सहित विदेशों में भी काफी डिमांड है, आने वाले समय में वे इसे और विस्तारित करने की चाहत रखते हैं।

आपकी शैक्षणिक गतिविधियों को बताएं। कहां से शिक्षा ग्रहण की और कहां तक की है?
मैंने प्रारंभिक शिक्षा पाली जिले के रानी तहसील के आंकडावास ग्राम से प्राप्त की। उसके बाद उदयपुर के कॉलेज से स्नातक किया। ज्वैलरी व्यवसाय में रूचि होने के कारण मैंने मुम्बई से गोल्ड एंड डिजाइनिंग का कोर्स किया, फिर उसके गुर सीखे। अनुभव लेकर मैं पूरी तरह से ज्वैलरी व्यवसाय में आ गया।

व्यवसाय करने की प्रेरणा आपको कहां से मिली? इसका अनुभव कहां से लिया और व्यवसाय में किस तरीके की सेवाएं देते हैं?
मुझे ज्वैलरी व्यवसाय में आने की प्रेरणा मित्रों व सहभागियों से मिली। शुरू में मुंबई, बैंगलोर और चैन्नई में दो-तीन वर्ष होल सेल ज्वैलरी का व्यवसाय किया। पर इसमें ज्यादा मन नहीं लगा, क्योंकि अपना खुद का व्यवसाय करने की चाहत थी। इसी को लेकर राजस्थान के झोटवाड़ा इलाके में वर्ष, २०१५ में छोटी-सी शॉप लेकर अपने शिव ज्वैलर्स ब्रांड से ज्वैलरी का व्यवसाय शुरू कर दिया। वर्तमान में हमारे ज्वैलरी शोरूम में सभी तरह के परम्परागत, हैरिटेज और नई-नई आधुनिक डिजाइनों के आभूषण-जिनमें बाजूबंध, कुंदन, पूरणसी, बंगड़ीयाड और हथफूल प्रमुख है। राजपूत महिलाओं के सभी तरह के आभूषण यहां उपलब्ध हैं। आज राजस्थान के अलग-अलग जिलों से ग्राहक यहां राजपूती आभूषण खरीदने यहां आते हैं।

वर्तमान में प्रतिस्पर्धा के युग में आपके समक्ष कोई चुनौतियां सामने आई, अगर आई तो उसका समाधान किस तरह से किया?
हरेक व्यवसाय में चुनौती आना तो स्वाभाविक है। इन चुनौती का मुकाबला करना एक अच्छे व्यवसायी के लिए जरूरी है। हमें इन चुनौतियों से कुछ सीखने का मौका भी मिला। हमने परम्परागत और नई डिजाइनों का मिश्रण कर हमने अपने बिजनेस को आगे बढ़ाया है।

सामाजिक सरोकार के कोई कार्य किए हो तो बताएं?
मेरा सामाजिक संगठनों से भी जुड़ाव बना रहा है। मैं क्षत्रिय युवक संघ और राजपूत सेवा संघ से जुड़ा हूं तथा समय-समय पर गरीबों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मदद और आर्थिक सहयोग देते रहते हैं। इसके अलावा वाल्मिकी समाज की गरीब बच्चियों की शादी में सारा खर्चा भी हमने वहन किया है। वहीं राजपूत समाज की विधवा महिलाओं को भी समय-समय पर आर्थिक सहयोग प्रदान करते रहते हैं।

आपके आदर्श कौन हैं?
मेरे आदर्श माता-पिता हैं, पिता जी मूल सिंह जी के सिद्धांतों और आदर्शों पर ही चलने का निरंतर प्रयास करता रहता हूं।

भविष्य में व्यवसाय को कहां तक विस्तार देना चाहते हैं?
आने वाले समय में राजस्थान के उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर में भी शिव ज्वैलर्स ब्रांड नेम से अपना शोरूम खोलने की चाहत है। इसके अलावा विदेशों में भी अपने ब्रांड के आभूषणों को विस्तार करने की इच्छा रखते हैं।

आपको अब तक ज्वैलरी व्यवसाय में कौन-कौन से अवॉर्ड मिल चुके हैं?
मुझे वर्ष, २०२२ में बिजनेस आईकॉन अवॉर्ड, नेशनल ग्लूरियस अवॉर्ड और इसी वर्ष इंडो इंटरनेशनल अचीवर अवॉर्ड(आईआईएए) और वर्ष, २०२३ में जयपुर रत्न सम्मान समारोह व जयपुर रत्न अवॉर्ड मिल चुके हैं। इसके अलावा राजपूत समाज की ओर से भी कई सम्मान व अवॉर्ड भी प्राप्त हुए हैं।

नए युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए क्या सुझाव देना चाहेंगे, जिससे वह अपने व्यवसाय को उत्तरोतर बढ़ा सकें?
मेरा युवाओं से यही सुझाव है कि वे कोई भी व्यवसाय शुरू करें तो उसे पूरी तरह से सीखें और उसके बाद मेहनत व लगन से उस व्यवसाय को करें, निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। हम भी अपने शोरूम में ज्वैलरी व्यवसाय करने की इच्छा रखने वाले युवाओं को छह महीने का डिजाइन कोर्स चलाते हैं। यहां आकर भी वे काम सीख सकते हैं।

सरकार से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं, ताकि आपके व्यवसाय को और गति मिल सके?
हमारी सरकार से यही अपेक्षाएं है कि वे जीएसटी व अन्य टैक्स का एक ही विभाग स्थापित कर दे, ताकि अलग-अलग जगह व्यवसाईयों को चक्कर नहीं काटने पड़े। इसके अलावा बिजली की दरों में कमी कर उद्यमियों को राहत पहुंचाए।

 



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