मुंबई,
घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली। दिनभर चली बिकवाली के दबाव में प्रमुख सूचकांक नीचे बंद हुए। आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट के कारण बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा। कारोबार के अंत में Nifty 25,800 के स्तर के नीचे फिसल गया, जबकि Sensex करीब 600 अंक गिरकर बंद हुआ। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक संकेतों की कमजोरी के चलते बाजार में दबाव बना रहा। आईटी क्षेत्र में भारी बिकवाली देखने को मिली। इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और विप्रो के शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। आईटी सूचकांक में लगभग 5 प्रतिशत की कमजोरी आई, जिससे पूरे बाजार का रुख प्रभावित हुआ। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक मांग में नरमी और विदेशी बाजारों से कमजोर संकेतों के कारण आईटी कंपनियों पर दबाव बढ़ा है।
इन शेयरों में दिखी मजबूती
गिरावट भरे बाजार में भी कुछ कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, आयशर मोटर्स, आईसीआईसीआई बैंक और ट्रेंट के शेयर प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। इन कंपनियों में खरीदारी से कुछ हद तक गिरावट पर अंकुश लगा, लेकिन व्यापक बाजार पर इसका सीमित असर ही रहा। Nifty मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी लगभग 0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिलता है कि बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव रहा।
क्षेत्रवार प्रदर्शन
उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र को छोड़कर लगभग सभी क्षेत्रीय सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और ऑटो क्षेत्र में भी सीमित गिरावट रही, लेकिन आईटी क्षेत्र की कमजोरी ने बाजार की दिशा तय की। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और विदेशी निवेश प्रवाह में अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेत और कंपनियों के तिमाही परिणाम बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है।

