केंद्र के एक फरवरी को पेश बजट के बाद गत दिवस राजस्थान का बजट-2026-27 भी काफी व्यापक और विकासोन्मुखी रहा है। इस बजट में युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के लिए कई घोषणाएं की गई हैं। भजनलाल सरकार के इस बजट को समृद्ध राजस्थान और विकसित भारत की दिशा में अहम कदम बताया गया है। बजट में कृषि, सिंचाई, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर और कर्मचारी कल्याण पर विशेष फोकस रखा गया है। खास तौर पर किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। जहां कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 11,300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 25,000 करोड़ के ब्याज मुक्त अल्पकालीन ऋण का लक्ष्य है, जिसमें सरकार 800 करोड़ का ब्याज वहन करेगी। सामुदायिक तारबंदी के लिए न्यूनतम किसानों की संख्या 10 से घटाकर 7 कर दी गई है, जिससे अधिक किसानों को लाभ मिल सकेगा। प्रदेश की 3496 पंचायतों में वर्मी कम्पोस्ट यूनिट स्थापित की जाएंगी। कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रिमोट सेंसिंग तकनीक के उपयोग से रियल टाइम मौसम निगरानी केंद्र बनाए जाएंगे, जिससे किसानों को समय पर सटीक जानकारी मिल सके। चूरू सहित खारे पानी वाले क्षेत्रों में झींगा पालन के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं बजट में महिला सशक्तिकरण पर भी फोकस किया गया है। इसके तहत लखपति दीदी योजना में पात्र महिलाओं को 1.5 लाख रुपए तक का ऋण दिया जाएगा। महिला सुरक्षा गार्ड और गाइड की नियुक्ति के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं बजट में शिक्षा और युवाओं पर फोकस किया गया है। पेपर लीक रोकने के लिए नेशनल टेस्ट एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्ट एजेंसी बनाई जाएगी। 500 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू होगी और 1000 स्कूलों में एआई लैब स्थापित की जाएंगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष सैलरी अकाउंट पैकेज लाया जाएगा। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि राजस्थान के बजट में कृषि, तकनीक, शिक्षा और आधारभूत ढांचे को सशक्त बनाने पर भी जोर दिया गया है, जिससे राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए गए हैं।

