युवाओं को रोजगार, उद्यमिता और बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था के अनुरूप आवश्यक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य को लेकर आज विश्व युवा कौशल दिवस मनाया जाएगा। वर्तमान में बहुत जरूरी हो गया है कि युवा अपने कौशल को निखारें। यह दिवस सिर्फ एक दिन का नहीं है, बल्कि ये याद दिलाता है कि नौकरी नहीं, स्किल वाले लोग भविष्य बनाते हैं। इस वर्ष का संदेश भी है कि एआई, डिजिटल और ग्रीन स्किल के साथ इंसानी गुण जैसे सहानुभूति और लचीलापन मिलाकर ही हम साझा भविष्य बना सकते हैं। इससे वे भविष्य के समाज और अर्थव्यवस्था में प्रभावी भूमिका निभा सकें। विश्व युवा कौशल दिवस 18 दिसंबर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा प्रस्ताव पारित कर 15 जुलाई को घोषित किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार, सम्मानजनक कार्य और उद्यमिता के लिए आवश्यक कौशलों के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
पहला विश्व युवा कौशल दिवस 15 जुलाई, 2015 को मनाया गया। आज का रोजगार बाजार तेजी से बदल रहा है। स्वचालन, एआई, डिजिटलीकरण और हरित तकनीकों के विस्तार के कारण नए प्रकार के कौशलों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में युवाओं में कौशल विकास उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है, जिससे रोजगार मिलने की संभावना बढ़ सके। व्यावसायिक और तकनीकी कौशल युवाओं को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने तथा रोजगार सृजन करने में सक्षम बनाता है। कुशल मानव संसाधन किसी भी देश की उत्पादकता और आर्थिक प्रगति का आधार होते हैं। वहीं कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर गरीबी कम करने में सहायता करती है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सम्मानजनक रोजगार और आर्थिक विकास जैसे सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में कौशल विकास महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सही मायने में कहा जाए तो विश्व युवा कौशल दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने का भी वैश्विक अभियान है।

