India Real Estate क्षेत्र में जनवरी से जून 2026 के दौरान Private Equity निवेश में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में कुल $3.2 Billion का निवेश हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक है।
वैश्विक रियल एस्टेट परामर्श कंपनी सैविल्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केवल दूसरी तिमाही में $2 Billion का निवेश दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक रहा। इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। रिपोर्ट में बताया गया कि Private Equity संस्थागत निवेश में निजी माध्यमों से किए गए इक्विटी सौदे, Alternative Investment Funds द्वारा संरचित ऋण सौदे तथा Non-Convertible Debentures जारी करना शामिल है। हालांकि, सामान्य ऋण जुटाने, Qualified Institutional Placements, सार्वजनिक बाजार सौदों और प्लेटफॉर्म निर्माण से जुड़े निवेश इसमें शामिल नहीं किए गए हैं।
दूसरी तिमाही में सबसे अधिक निवेश डेटा सेंटर क्षेत्र में हुआ, जिसने कुल निवेश का 38 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया। यह पारंपरिक कार्यालय क्षेत्र के मुकाबले सबसे बड़ा निवेश आकर्षित करने वाला क्षेत्र बनकर उभरा। इसके बाद कार्यालय क्षेत्र का स्थान रहा, जिसने कुल निवेश में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की। वहीं, आवासीय क्षेत्र 16 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
हालांकि, पूरे पहले छह महीनों की बात करें तो कार्यालय क्षेत्र सबसे आगे रहा और कुल इक्विटी निवेश में इसकी हिस्सेदारी 34 प्रतिशत रही। इससे यह संकेत मिलता है कि व्यावसायिक संपत्तियों में निवेशकों की रुचि अब भी मजबूत बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों ने अपने निवेश को विभिन्न क्षेत्रों में भी फैलाया। हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को कुल निवेश का 8 प्रतिशत हिस्सा मिला, जबकि स्टूडेंट हाउसिंग और को-लिविंग क्षेत्र ने 3 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की। इससे वैकल्पिक रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की ओर निवेशकों का बढ़ता झुकाव दिखाई देता है।
जनवरी से जून 2026 के दौरान कुल Private Equity निवेश में घरेलू पूंजी की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत रही। यह निवेश विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में किया गया, लेकिन घरेलू निवेशकों की पहली पसंद कार्यालय क्षेत्र रहा, जहाँ कुल घरेलू निवेश का 68 प्रतिशत लगाया गया। यह निवेश मुख्य रूप से भारत के Tier-I शहरों में केंद्रित रहा। वहीं, विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी कुल निवेश में 49 प्रतिशत रही। विदेशी पूंजी का लगभग 69 प्रतिशत हिस्सा संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा से आया, जिसे मुख्य रूप से डेटा सेंटर और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में लगाया गया।
Savills India के Managing Director, Capital Market Services, सुमीत भाटिया ने कहा कि वर्ष 2026 की पहली छमाही के आंकड़े India Real Estate Market में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटैलिटी, स्वास्थ्य सेवा तथा स्टूडेंट हाउसिंग और को-लिविंग जैसे क्षेत्रों में बढ़ता निवेश इस बात का संकेत है कि निवेशक अब भारत के डिजिटल और वैकल्पिक रियल एस्टेट क्षेत्रों में दीर्घकालिक अवसर देख रहे हैं। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि आने वाली तिमाहियों में भी यह सकारात्मक रुझान जारी रहेगा। निवेशकों का विश्वास लगातार मजबूत होने और दीर्घकालिक अवसरों के चलते भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश की गति आगे भी बनी रहने की संभावना है।

