बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। मेटा ने युवाओं के कल्याण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आज जयपुर में ‘टॉकिंग डिजिटल सुरक्षा फॉर टीन्स’ राउंडटेबल का आयोजन किया। इस पैरंट्स-एजुकेटर फोरम का आयोजन १रू१क्च के साथ साझेदारी में किया गया। इस आयोजन का मकसद बच्चों के माता-पिता को ऑनलाइन सुरक्षा पर मेटा के नजरिये के बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरूक करना और डिजिटल दुनिया में बच्चों के बेहतर विकास और उनकी सुरक्षा के बेहतर तरीकों को पैरंट्स के साथ शेयर करना था।
सेशन में उन तरीकों पर चर्चा की गई जिससे माता-पिता अपने बच्चों के स्मार्टफोन जैसे पर्सनल डिवाइस को पूरे आत्मविश्वास से मैनेज कर सकते हैं। उन पर नजर रख सकते हैं। इसमें मेटा के प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं। इसने माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल और उभरते ऑनलाइन ट्रेंड्स पर अलग-अलग बेशकीमती नजरिए से वाकिफ होने का मौका मिला। शहर के 10-15 चुनिंदा स्कूलों के चुने हुए शिक्षकों और पैरंट्स के ग्रुप ने राउंडटेबल में भाग लिया। इससे उन्हें डिजिटल सुरक्षा पहलों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने और अपने बच्चों के सोशल मीडिया सफर के अनुभवों को शेयर करने का मौका मिला। मेटा ने मौजूद मेहमानों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर मौजूद अपने उन टूल्स और फीचर्स के बारे में भी जानकारी दी, जिससे वह अपने बच्चों को सोशल मीडिया का सुरक्षित अनुभव प्रदान करना सुनिश्चित कर सकते है।
इंस्टाग्राम पर भारत में पब्लिक पॉलिसी की डायरेक्टर, नताशा जोग ने बच्चों को सोशल मीडिया पर होने वाले अनुभवों में माता-पिता और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि भारत 1 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। ऐसे समय में मौजूदा यूजर्स के साथ नए यूजर्स को तरह-तरह के खतरों से बचाने की जरूरत है। इसलिए, हम अपनी भूमिका को गंभीरता से ले रहे हैं, ताकि हम लगातार एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में काम कर सकें। डिजिटल सुरक्षा पहल में युवाओं के कल्याण, बच्चों की सुरक्षा, गलत सूचना से निपटने के साथ-साथ ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति सभी को जागरूक और डिजिटल रूप से साक्षर बनाने के उपाय शामिल हैं। इन राउंडटेबल में देश भर को महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाली चर्चाओं के सेशन की सीरीज से हम बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों को संवेदनशील और जागरूक बना रहे हैं कि उनके बच्चे किस तरह सुरक्षित रहते हुए अपने ऑनलाइन बिताए गए समय का सार्थक उपयोग कर सकते हैं।
मेटा ने पिछले साल यूजर सेफ्टी सिस्?टम को मजबूत बनाने के अपने प्रयासों के तहत,‘डिजिटल सुरक्षा समिट’ का आयोजन किया था। इस समिट की बुनियाद युवाओं और महिलाओं को सुरक्षित और संतुलित ऑनलाइन अनुभव प्रदान करने के निरंतर प्रयास पर टिकी थी। इसके अलावा मेटा ने स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को सशक्त बनाने और ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल नागरिकता के बारे में जानकारी देने के लिए कर्नाटक सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और विज्ञान और प्रौद्योगिकी (आईटीबीटी) विभाग से दो साल की साझेदारी की घोषणा की है।
पिछले तीन वर्षों में, मेटा ने ऑनलाइन सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए 50 से ज्यादा सेफ्टी टूल्स और फीचर लॉन्च किए हैं। हाल ही में टीनएजर्स और नौजवानों की सुरक्षा के लिए शुरू की गई सुविधाओं में ‘नाइट नजेस’, शामिल हैं, जो देर रात तक इस्तेमाल किए जाने पर यूजर्स को इंस्टाग्राम ऐप बंद करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसके साथ ही ‘क्वाइट मोड’ से टीनएजर्स अपने इंस्टाग्राम पर बिताए जाने वाले समय और उस पर दिखाए जाने वाले कंटेंट को ज्यादा बेहतर ढंग से नियंत्रित कर सकते हैं। इसके अलावा, इंस्?टाग्राम के पैरेंटल सुपरविजन फीचर , के साथ, पैरेंट्स उनके बच्चों द्वारा फॉलो किये जाने वाले अकाउंट्स देख सकते हैं, साथ ही उन अकाउंट्स की भी जानकारी ले सकते हैं जो उन्हें फॉलो करते हैं और उनके ऑनलाइन अनुभवों में ज्यादा से ज्यादा शामिल हो सकते हैं। मेटा का ‘फ़ैमिली सेंटर’ भी पैरेंट्स और बच्चों को प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहने के तरीके के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

