मुंबई,
देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा निर्यातक कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे घोषित किए। कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर करीब 3 प्रतिशत घटकर 13,349 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी ने 13,718 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था। सालाना आधार पर कंपनी का शुद्ध मुनाफा 5 प्रतिशत बढ़ा है। पिछले वर्ष की समान तिमाही में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का शुद्ध मुनाफा 12,760 करोड़ रुपये रहा था।
अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी की परिचालन आय सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये हो गई। एक वर्ष पहले की समान अवधि में यह आय 63,437 करोड़ रुपये थी। तिमाही आधार पर कंपनी की आय 70,698 करोड़ रुपये से बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये रही। कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 12 रुपये के अंतरिम लाभांश की घोषणा की है। पात्र शेयरधारकों का निर्धारण करने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने 15 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड तिथि तय किया है। लाभांश का भुगतान 31 जुलाई 2026 को किया जाएगा।
नतीजों पर टिप्पणी करते हुए कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक के. कृतिवासन ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक कारोबारी माहौल के बावजूद कंपनी ने अपनी वृद्धि की गति बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि पहली तिमाही में कंपनी की रणनीतिक स्थिति की मजबूती और लगातार वृद्धि दिखाई दी है। कंपनी ने तिमाही के दौरान 9.5 अरब डॉलर की मजबूत ऑर्डर बुक हासिल की। इसमें एसकेएफ के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित एक प्रमुख परिवर्तन सौदा भी शामिल है। कंपनी ने प्रमुख आय श्रेणियों में नए ग्राहकों को जोड़ा और अपने कृत्रिम बुद्धिमत्ता कारोबार को 2.6 अरब डॉलर की वार्षिक आय गति तक पहुंचाया।
तिमाही के दौरान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का परिचालन मार्जिन 24 प्रतिशत और शुद्ध मार्जिन 19.2 प्रतिशत रहा। परिचालन से प्राप्त शुद्ध नकदी 12,412 करोड़ रुपये रही, जो शुद्ध आय के 93 प्रतिशत के बराबर है। जून तिमाही के अंत में कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 5,93,798 रही। पिछले 12 महीनों में कंपनी के सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कारोबार में कर्मचारी छोड़ने की दर 13.6 प्रतिशत रही।

