Wednesday, July 8, 2026 |
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Maruti Suzuki ने हरियाणा के खरखौदा संयंत्र में 1 MWh बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली शुरू की

by Business Remedies
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Maruti Suzuki Kharkhoda Plant Battery Energy Storage System For Renewable Energy

देश की प्रमुख वाहन निर्माता मारुति सुज़ुकी इंडिया ने हरियाणा के खरखौदा विनिर्माण संयंत्र में 1 MWh Battery Energy Storage System (BESS) शुरू कर दिया है। कंपनी का कहना है कि यह पहल नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी के अनुसार, इस बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली को परीक्षण के आधार पर संयंत्र के आंतरिक विद्युत वितरण नेटवर्क से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य संयंत्र में सौर ऊर्जा से उत्पन्न बिजली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि ऊर्जा की बर्बादी को रोका जा सके।

मारुति सुज़ुकी ने वर्ष 2025 में खरखौदा संयंत्र में 20 MWp क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना शुरू की थी। हालांकि, संयंत्र में अवकाश या बिजली की कम मांग वाले समय में सौर ऊर्जा से बनने वाली अतिरिक्त बिजली का पूरा उपयोग नहीं हो पाता था, जिससे काफी ऊर्जा व्यर्थ चली जाती थी। नई Battery Energy Storage System (BESS) इस अतिरिक्त बिजली को सुरक्षित रखेगी और आवश्यकता होने पर दोबारा उपयोग के लिए उपलब्ध कराएगी। इससे न केवल ऊर्जा का बेहतर उपयोग होगा बल्कि बिजली आपूर्ति नेटवर्क की स्थिरता भी मजबूत होगी।

मारुति सुज़ुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने कहा कि कंपनी भारत में आत्मनिर्भर हरित ऊर्जा तंत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। खरखौदा संयंत्र में Battery Energy Storage System (BESS) की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली का अनुमानित संचालन काल लगभग 15 वर्ष होगा और इसके माध्यम से हर वर्ष लगभग 54 टन CO2 उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

हिसाशी ताकेउची ने कहा कि आने वाले वर्षों में कंपनी का उत्पादन बढ़ने की संभावना है, लेकिन इसके साथ ही विनिर्माण कार्यों से होने वाले Scope 1 और Scope 2 कार्बन उत्सर्जन को कम करने की प्रतिबद्धता भी जारी रहेगी। कंपनी कार्बन तीव्रता और कुल उत्सर्जन, दोनों स्तरों पर कमी लाने के लिए लगातार निवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि यह रणनीति मूल कंपनी सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन की पर्यावरणीय नीति के अनुरूप है। कंपनी का लक्ष्य FY31 तक FY23 की तुलना में Scope 1 और Scope 2 कार्बन उत्सर्जन में 42 प्रतिशत की कमी हासिल करना है।

इसी महीने की शुरुआत में मारुति सुज़ुकी ने हरियाणा के आईएमटी खरखौदा में अपने सबसे आधुनिक वाहन विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया था। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने Video Conferencing के माध्यम से भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच के दौरान इस संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित किया। लगभग 800 एकड़ में फैला यह एकीकृत विनिर्माण परिसर आधुनिक आपूर्तिकर्ता पार्क के साथ विकसित किया गया है। कंपनी का कहना है कि पूर्ण क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद यह दुनिया के सबसे बड़े वाहन विनिर्माण परिसरों में शामिल होगा।



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