Wednesday, July 8, 2026 |
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भारत का क्रेडिट कार्ड बाजार एक दशक में करीब तीन गुना बढ़ा: रिपोर्ट

by Business Remedies
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India Credit Card Market Growth Report By Transunion Cibil

नई दिल्ली,

भारत का क्रेडिट कार्ड बाजार पिछले एक दशक में तीन गुना से अधिक बढ़ गया है। ट्रांसयूनियन सिबिल की रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार क्रेडिट कार्ड लेने वाले उपभोक्ता अब पहले की तुलना में कम उम्र के हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों, खासकर अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक संख्या में आ रहे हैं। हालांकि, देश में क्रेडिट कार्ड की कुल पहुंच अभी भी क्रेडिट सक्रिय उपभोक्ताओं के केवल 25 प्रतिशत तक सीमित है, जिससे इस क्षेत्र में आगे बड़ी वृद्धि की संभावना दिखाई देती है।

रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 तक नए क्रेडिट कार्ड लेने वाले उपभोक्ताओं में से आधे की उम्र 30 वर्ष या उससे कम थी। मार्च 2022 में यह हिस्सा 43 प्रतिशत था। इससे साफ है कि युवा उपभोक्ताओं में क्रेडिट कार्ड अपनाने की रफ्तार बढ़ रही है।

मार्च 2026 में ऐसे 46 प्रतिशत नए उपभोक्ता अर्ध-शहरी और ग्रामीण बाजारों से आए, जबकि मार्च 2022 में यह आंकड़ा 42 प्रतिशत था। यह बदलाव बताता है कि क्रेडिट कार्ड अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसकी पहुंच मजबूत हो रही है। रिपोर्ट में बताया गया कि पहली बार क्रेडिट कार्ड लेने वाले कई उपभोक्ता पहले से ही अन्य क्रेडिट उत्पादों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे 25 प्रतिशत उपभोक्ताओं के पास पहले से 3 या उससे अधिक सक्रिय क्रेडिट उत्पाद थे। इसका मतलब है कि कई लोगों के लिए पहला क्रेडिट कार्ड उनके मौजूदा क्रेडिट उपयोग में एक नया साधन बनकर जुड़ रहा है।

भारत में क्रेडिट कार्ड की पहुंच अभी भी अन्य देशों की तुलना में कम है। मार्च 2026 तक भारत में यह पहुंच 25 प्रतिशत रही, जबकि यूनाइटेड किंगडम में 70 प्रतिशत, कोलंबिया में 62 प्रतिशत और हांगकांग में 98 प्रतिशत रही। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कम पहुंच और युवा उपभोक्ताओं की बढ़ती भागीदारी इस बाजार में जिम्मेदारी के साथ विस्तार का बड़ा अवसर दिखाती है। मार्च 2016 से मार्च 2026 के बीच भारत में कार्डधारकों की संख्या 1.4 करोड़ से बढ़कर 5.2 करोड़ हो गई। इस अवधि में कार्डधारकों की संख्या 3.6 गुना बढ़ी। इसी दौरान बकाया कार्ड राशि 0.4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 3.1 लाख करोड़ रुपये हो गई, यानी इसमें 8.3 गुना वृद्धि दर्ज की गई। सक्रिय क्रेडिट कार्ड की संख्या भी 2.1 करोड़ से बढ़कर 10.7 करोड़ हो गई।

ट्रांसयूनियन सिबिल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भावेश जैन ने कहा कि कई उपभोक्ता क्रेडिट कार्ड के साथ छोटे व्यक्तिगत ऋण, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु ऋण और छोटी अवधि वाले अन्य क्रेडिट उत्पादों का भी उपयोग कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि उपभोक्ताओं का क्रेडिट उपयोग अधिक गहरा, औपचारिक और रोजमर्रा की जरूरतों के अनुसार अधिक सक्रिय हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में Gen Z उपभोक्ताओं में बिना किसी पुराने क्रेडिट अनुभव वाले लोगों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत रही, जबकि 2018 में मिलेनियल उपभोक्ताओं में यह आंकड़ा 56 प्रतिशत था। Gen Z उपभोक्ताओं के पास पहला क्रेडिट कार्ड लेने के समय अन्य उपभोग आधारित क्रेडिट उत्पाद होने की संभावना भी अधिक रही। इनमें 18 प्रतिशत के पास सक्रिय उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु ऋण और 23 प्रतिशत के पास छोटा व्यक्तिगत ऋण था।



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