देश की प्रमुख वाहन निर्माता टाटा मोटर्स ने अपने Passenger Vehicle कारोबार के लिए अगले पाँच वर्षों की महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। कंपनी ने Financial Year 2030 तक हर वर्ष 12 लाख से अधिक यात्री वाहनों की बिक्री का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही घरेलू Passenger Vehicle बाजार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने और लगभग ₹.1.4लाख करोड़ का राजस्व प्राप्त करने की योजना बनाई गई है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी उत्पाद विकास और विनिर्माण क्षमता बढ़ाने पर लगभग ₹.40,000करोड़ का निवेश करेगी।
कंपनी की 81 वीं Annual General Meeting के दौरान अध्यक्ष नटराजन चंद्रशेखरन ने कहा कि Financial Year 2020 से Financial Year 2030 के बीच कंपनी यात्री वाहनों की बिक्री में 10गुना वृद्धि हासिल करना चाहती है। वर्तमान में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 14.2 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि अगले पाँच वर्षों में कंपनी अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए 6 नए वाहन मॉडल पेश करेगी। इसके अलावा 20से अधिक मौजूदा मॉडलों को नए फीचर्स और तकनीक के साथ अपडेट किया जाएगा। कंपनी का उद्देश्य केवल बिक्री बढ़ाना ही नहीं, बल्कि लाभप्रदता में भी उल्लेखनीय सुधार करना है।
टाटा मोटर्स ने आने वाले वर्षों में दोहरे अंक का EBITDA Margin हासिल करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का अनुमान है कि दशक के अंत तक उसकी कुल Passenger Vehicle बिक्री में Electric Vehicle की हिस्सेदारी 30प्रतिशत से अधिक हो जाएगी। इससे कंपनी की स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन रणनीति को भी मजबूती मिलेगी।
कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेश चंद्र ने कहा कि Financial Year 2031 तक Passenger Vehicle कारोबार से लगभग ₹.1.4लाख करोड़ का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही दोहरे अंक का EBITDA Margin और 5प्रतिशत से अधिक EBIT Margin हासिल करने की योजना बनाई गई है, जिससे कर-पूर्व लाभ वर्तमान स्तर की तुलना में 5गुना से अधिक हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इस विकास रणनीति को सफल बनाने के लिए लगभग ₹.40,000करोड़ का निवेश नए उत्पादों के विकास और विनिर्माण क्षमता बढ़ाने में किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी ₹.10,000करोड़ का Free Cash Flow हासिल करने का भी लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।

