अमेरिका द्वारा ईरान पर नए सैन्य हमले किए जाने के बाद मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। इसका असर वैश्विक जिंस बाजार पर भी देखने को मिला, जहां सोना और चांदी की कीमतों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ने से कीमती धातुओं में बिकवाली का दबाव बना रहा। Multi Commodity Exchange (MCX) पर 5 अगस्त वाले सोना वायदा अनुबंध की शुरुआत ₹.1,45,200 प्रति 10 ग्राम पर हुई, जो पिछले बंद भाव ₹.1,45,392 की तुलना में ₹.192 कम थी। सुबह लगभग 10:35 बजे, सोना ₹.1,45,000 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। यह पिछले बंद भाव की तुलना में ₹.392 यानी 0.27 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।
कारोबार के दौरान सोने ने ₹.1,44,750 प्रति 10 ग्राम का दिन का निचला स्तर भी छुआ, जो ₹.642 यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट थी। वहीं, दिन का उच्चतम स्तर ₹.1,45,356 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। चांदी में भी शुरुआती कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव देखने को मिला। 4 सितंबर वाले चांदी वायदा अनुबंध का शुरुआती भाव ₹.2,30,015 प्रति किलोग्राम रहा, जो पिछले बंद भाव ₹.2,30,857 से ₹.842 कम था। कारोबार के दौरान चांदी ₹.2,28,925 प्रति किलोग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गई। यह ₹.1,932 यानी 0.83 प्रतिशत की गिरावट थी। बाद में चांदी ₹.2,29,401 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी, जो ₹.1,456 यानी 0.63 प्रतिशत नीचे थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। Comex पर सोना 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ लगभग $4,139 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी 0.54 प्रतिशत गिरकर लगभग $61 प्रति औंस पर पहुंच गई। जिंस बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, सोने में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई है। तकनीकी संकेतकों के अनुसार सोना अपने प्रमुख Exponential Moving Average (EMA) स्तरों से नीचे कारोबार कर रहा है, जिससे कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में गिरावट के साथ खुले सौदों की संख्या बढ़ना इस बात का संकेत है कि मौजूदा अनुबंध में नई बिकवाली वाली स्थिति बनाई जा रही है। इससे निकट भविष्य में सोने पर दबाव बना रह सकता है। चांदी भी अपने प्रमुख Exponential Moving Average (EMA) स्तरों से नीचे कारोबार कर रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि चांदी ₹.2.23 लाख प्रति किलोग्राम के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर से नीचे फिसलती है तो इसमें और गिरावट देखने को मिल सकती है। कीमती धातुओं में यह कमजोरी अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए नए सैन्य हमलों और ईरानी तेल निर्यात से जुड़े लाइसेंस रद्द करने के फैसले के बाद देखने को मिली। इन घटनाओं ने मध्य-पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है।
अमेरिकी सेना के अनुसार, Hormuz Strait से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों पर हमले के बाद यह सैन्य कार्रवाई की गई। इस घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक चिंताओं को और गहरा कर दिया है। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रही। Brent Crude की कीमत 3 प्रतिशत से अधिक बढ़कर $76 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। वहीं, West Texas Intermediate (WTI) कच्चा तेल भी 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ $72 प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया।

