भारत ने Asia Pacific क्षेत्र में रियल एस्टेट निवेश और Property Yield के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, Q1 CY 2026 में भारत ने हर प्रमुख रियल एस्टेट श्रेणी में क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में सबसे अधिक Yield दर्ज की है। इसके साथ ही देश में निवेश की मात्रा में सालाना आधार पर 189प्रतिशत की तेज़ बढ़ोतरी देखने को मिली है। सीबीआरई की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यालय, खुदरा बाजार, लॉजिस्टिक्स, होटल और छात्र आवास जैसे सभी बड़े रियल एस्टेट क्षेत्रों में भारत की Cap Rate Asia Pacific के अन्य बाजारों से अधिक रही। कई क्षेत्रों में यह अंतर 320 Basis Points तक पहुंच गया।
रिपोर्ट में बताया गया कि Q1 2026 में भारत का कुल रियल एस्टेट निवेश बढ़कर .₹19,094 करोड़ के बराबर .$2,295.19 मिलियन तक पहुंच गया, जबकि एक वर्ष पहले यह .$839.85 मिलियन था। इस दौरान केवल सिंगापुर निवेश वृद्धि के मामले में भारत से आगे रहा, जहां 364 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। सीबीआरई के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुमन मैगज़ीन ने कहा कि भारत में मजबूत आर्थिक आधार, लगातार बढ़ता कॉरपोरेट ढांचा और युवा उपभोक्ता आबादी रियल एस्टेट क्षेत्र की मांग को मजबूती दे रही है। उन्होंने कहा कि अब वैश्विक निवेशक भी भारत में बड़े स्तर पर पूंजी निवेश करने की तैयारी कर रहे हैं और आने वाले समय में यह गति और तेज़ हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू संस्थागत निवेशकों, फैमिली ऑफिस और वैश्विक पूंजी बाजार से जुड़े निवेशकों की रुचि भी भारतीय रियल एस्टेट में लगातार बढ़ रही है। निवेशक प्रत्यक्ष खरीद, REITs और संरचित ऋण साधनों के माध्यम से भारतीय बाजार में निवेश बढ़ा रहे हैं।
भारत को Asia Pacific के प्रमुख रियल एस्टेट ऋण बाजारों में भी शामिल किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि देश का पूंजी बाजार लगातार परिपक्व हो रहा है। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत के प्रमुख कारोबारी इलाकों में Grade A कार्यालयों की Cap Rate 7.50 प्रतिशत से 8.40 प्रतिशत के बीच रही। वहीं सिंगापुर में यह केवल 3.25 प्रतिशत से 3.80 प्रतिशत और टोक्यो में 2प्रतिशत से 3प्रतिशत के बीच दर्ज की गई। कार्यालय निवेश पूछताछ के मामले में भी भारत को Asia Pacific के शीर्ष तीन पसंदीदा बाजारों में शामिल किया गया है। इस सूची में सिंगापुर और जापान भी शामिल हैं।
छात्र आवास क्षेत्र में भारत की Yield 8.50प्रतिशत से 9प्रतिशत तक रही, जो ऑस्ट्रेलिया जैसे अगले बड़े बाजार से लगभग 320 Basis Points अधिक है। वहीं संस्थागत स्तर के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भारत की Cap Rate 7.15 प्रतिशत से 7.75 प्रतिशत के बीच रही, जो वियतनाम से लगभग 115 Basis Points अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया कि जापान, सिंगापुर और कोरिया जैसे विकसित बाजारों की तुलना में भारत में अधिक Cap Rate का कारण तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, संस्थागत भागीदारी का विस्तार और बेहतर निवेश अवसर हैं। यही वजह है कि भारत वैश्विक रियल एस्टेट निवेशकों के लिए तेजी से आकर्षक बाजार बनता जा रहा है।

