West Asia में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को सीमित गिरावट दर्ज की गई। आईटी, एफएमसीजी और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली का असर निवेशकों की धारणा पर देखने को मिला। हालांकि, रुपया मजबूती के साथ बंद हुआ, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला।
Stock Market के अनुसार, Nifty 4.30 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23,654.7 पर बंद हुआ। वहीं Sensex 135.03 अंक यानी 0.18 प्रतिशत फिसलकर 75,183.36 पर बंद हुआ। विशेषज्ञों के मुताबिक 23,700 और 23,800 का स्तर फिलहाल बाजार के लिए प्रमुख रुकावट बना हुआ है, जहां बिकवाली का दबाव लगातार बना रह सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि Nifty इस स्तर को पार करता है तो 24,000 का स्तर अगला बड़ा मनोवैज्ञानिक अवरोध साबित हो सकता है।
दूसरी ओर, नीचे की तरफ 23,500 से 23,600 के बीच का दायरा बाजार के लिए मजबूत सहारा बना हुआ है। यदि बाजार इससे नीचे जाता है तो 23,300 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र माना जा रहा है, जहां पहले भी खरीदारी देखने को मिली थी। Sensex में बजाज फाइनेंस, इन्फोसिस और टेक महिंद्रा के शेयर सबसे अधिक दबाव में रहे। वहीं Nifty में बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा और हिंदुस्तान यूनिलीवर प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। व्यापक बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। Nifty MidCap सूचकांक 0.04 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुआ, जबकि Nifty SmallCap सूचकांक 0.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ और मुख्य सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो एफएमसीजी, आईटी और वित्तीय सेवाओं से जुड़े शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत रियल्टी और सीमेंट क्षेत्र में मजबूती देखने को मिली।
Nifty Cement सूचकांक कारोबार समाप्त होने तक 2 प्रतिशत से अधिक उछल गया और दिन के सबसे मजबूत क्षेत्रों में शामिल रहा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निर्माण गतिविधियों में सुधार और मांग बढ़ने की उम्मीद से सीमेंट शेयरों में खरीदारी बढ़ी। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारतीय रिजर्व बैंक की जून मौद्रिक नीति, अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति और प्रमुख आर्थिक संकेतकों की स्थिरता बाजार की दिशा तय करेगी। इसके साथ ही रुपये की चाल पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया मजबूत होकर 96.15 के स्तर तक पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में 97 के करीब कमजोर होने के बाद शॉर्ट कवरिंग आने से रुपये में लगभग 65 पैसे यानी 0.68 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। इस बीच अस्थिरता सूचकांक INDIAVIX 3.5 प्रतिशत घटकर 17.80 पर आ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बाजार में उतार-चढ़ाव और कम होता है तो निवेशकों के भरोसे को मजबूती मिल सकती है।

