आवास बाजार में स्थिरता:
भारत के आवासीय बाजार में मजबूती का संकेत मिला है। महंगाई बढ़ने के बावजूद Housing Price Index (HPI) में स्थिर वृद्धि दर्ज की गई है। Bank of Baroda की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 18 शहरों को कवर करने वाले HPI में सालाना आधार पर 3.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पिछले साल जैसी रही रफ्तार:
रिपोर्ट के मुताबिक, Q1FY27 में HPI की वृद्धि दर Q4FY26 के 4.5 प्रतिशत से कम रही, लेकिन यह पिछले वर्ष की समान अवधि यानी Q1FY26 के बराबर 3.6 प्रतिशत रही। तिमाही आधार पर देखें तो आवास कीमतों में 1.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछली तिमाही में यह बढ़ोतरी 0.5 प्रतिशत थी। वहीं, Housing Credit में भी करीब 11 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि दर्ज की गई।
महंगाई और निर्माण लागत का असर:
रिपोर्ट में बताया गया कि वैश्विक कमोडिटी कीमतों और निर्माण लागत में बढ़ोतरी का असर Housing Inflation पर पड़ा। West Asia Conflict के बाद वैश्विक आर्थिक विकास पर दबाव बढ़ा, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई और कई क्षेत्रों में महंगाई का असर देखने को मिला।
इन शहरों में सबसे ज्यादा बढ़ी कीमतें:
HPI की सालाना वृद्धि में Chandigarh 49.6 प्रतिशत, Jaipur 36.4 प्रतिशत, Kanpur 27.5 प्रतिशत, Lucknow 17.7 प्रतिशत और Thiruvananthapuram 16.3 प्रतिशत के साथ प्रमुख योगदानकर्ता रहे। Chandigarh में कीमतों में तेजी का कारण 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए Collector Rate में संशोधन और नए Land Pockets की सीमित उपलब्धता को बताया गया है।
Tier-2 Cities बने बाजार की ताकत:
वहीं, Delhi (-1.2 प्रतिशत), Kolkata (-31.5 प्रतिशत), Mumbai (2.8 प्रतिशत) और Hyderabad (-0.8 प्रतिशत) में कीमतों की वृद्धि धीमी रही या गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में Housing Market की मांग को बड़े महानगरों की तुलना में Tier-2 Cities अधिक गति दे रहे हैं। बेहतर Connectivity और Service-Based Employment Opportunities के कारण छोटे शहरों में आवासीय मांग लगातार बढ़ रही है।

