बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज बिरला ऑडिटोरियम, जयपुर में भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आई.सी.ए.आई.) की जयपुर शाखा द्वारा आयोजित दो दिवसीय (22 व 23 अगस्त 2025) राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘्रAI इनोवेशन समिट’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, कैबिनेट मंत्री, राजस्थान सरकार, विशिष्ट अतिथि के रूप में तथा विवेक वाही, कार्यकारी निदेशक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, विशेष अतिथि के रूप में भी उपस्थित रहे। कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (्रAI) के नवीनतम रुझानों, तकनीकी नवाचारों तथा उनके प्रोफेशनल कार्य में व्यावहारिक उपयोग के बारे में जागरूक करना है। कार्यक्रम में विशेषज्ञ सत्रों के माध्यम से लेखा-परीक्षण, टैक्सेशन, वित्तीय विश्लेषण और डेटा एनालिटिक्स में ्रAI की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और सीए सदस्यों को राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सीए समुदाय देश की आर्थिक नींव को मजबूत बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उप-राष्ट्रपति ने सीए सदस्यों के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें आगे भी राष्ट्रहित में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
सीए सतीश कुमार गुप्ता एवं सीए (डॉ.) रोहित रूवाटिया अग्रवाल, कॉन्फ्रेंस डायरेक्टर एवं सेंट्रल काउंसिल मेंबर ने बताया कि पूरे देश को 5 रीजन में विभाजित किया गया है और प्रत्येक रीजन में ्रAI पर एक नेशनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। राजस्थान सहित अन्य 6 राज्य CIRC (सेंट्रल रीजन) में आते हैं, और इस रीजन की ्रAI विषयक नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन जयपुर में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जयपुर सीए सदस्यों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि उन्हें अपने ही शहर में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीखने और संवाद करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि यह दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को एक साझा मंच प्रदान करेगी, जहां वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े नवीनतम रुझानों, उभरती तकनीकों, तकनीकी नवाचारों और उनके वास्तविक कार्य में उपयोग की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श कर सकेंगे। कॉन्फ्रेंस के दौरान देशभर के विख्यात विशेषज्ञों एवं सेंट्रल काउंसिल मेंबर्स द्वारा लेखा-परीक्षण, कराधान, वित्तीय प्रबंधन, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, फॉरेंसिक ऑडिट और डेटा एनालिटिक्स में ्रAI की संभावनाओं पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, प्रतिभागियों को ्रAI आधारित नवीनतम टूल्स और सॉफ्टवेयर का लाइव डेमो, इंटरैक्टिव वर्कशॉप्स तथा पैनल डिस्कशन के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा।
जयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए विकास यादव और सचिव सीए यश गुप्ता ने बताया कि यह कॉन्फ्रेंस ‘समिति ्रAI इन ICAI” के माध्यम से आयोजित की जा रही है, जिसे जयपुर ब्रांच द्वारा होस्ट किया जा रहा है। इस कॉन्फेंस में पूरे देशभर से पधारे लगभग 1500 चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ने भाग लिया। पहले दिन के सत्रों में विश्वभर से आए विशेषज्ञों और वक्ताओं ने उपस्थित सीए सदस्यों को ्रAI से संबंधित विषयों पर अपना उद्बोधन दिया, जिनमें शामिल थे—चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए ्रAI का भविष्य तथा ्रAI की अनिवार्यता: कर लेखा परीक्षा और कार्यकुशलता में सुधार। इसके साथ ही एक कीनोट सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के विशेषज्ञों ने ्रAI के नवीनतम विकास, व्यावहारिक अनुप्रयोगों और प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर में इसके भविष्य पर अपने विचार साझा किए। अन्य सत्र में ICAI के पूर्व अध्यक्ष सीए देबासिस मित्रा तथा अन्य सेंट्रल काउंसिल मेंबर्स ने सीए सदस्यों से सीधे संवाद किया और प्रोफेशन के बदलते स्वरूप, डिजिटल युग की चुनौतियों तथा अवसरों पर अपने विचार साझा किए।
पहले सत्र में सोमा बनर्जी ने ‘एआई मूल्यांकन मानक और एआई अनुप्रयोग’ विषय पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए, जिसमें एआई की उपयोगिता, इसके आकलन की रूपरेखा तथा विभिन्न क्षेत्रों में इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसके उपरांत सीए दीपक मेंदिरत्ता ने ‘एआई संचालित जोखिम और वित्तीय व्यावहारिकता के साथ विश्वास बढ़ाना’ विषय पर अपने विचार साझा किए, जहां उन्होंने एआई से जुड़े जोखिमों, वित्तीय व्यवहार्यता तथा विश्वसनीयता को सुदृढ़ बनाने के उपायों पर चर्चा की। कॉन्फेंस के दौरान एक महत्वपूर्ण सत्र ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए ्रAI की अनिवार्यताएं: टैक्स ऑडिट परीक्षा और कार्यकुशलता में सुधार” विषय पर सीए हरप्रीत सिंह, वीपी, नेटवेस्ट ट्रेजरी ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने ्रAI के माध्यम से ऑडिट प्रक्रियाओं की गति, सटीकता और दक्षता बढ़ाने के व्यावहारिक तरीकों पर विस्तार से चर्चा की।
सीए देबाशीष मित्रा, ICAI के पूर्व अध्यक्ष ने रेस्पॉन्सिबल एआई: नैतिकता और पूर्वाग्रह को समझना विषय पर अपने विचार साझा किए, जिसमें ्रAI के नैतिक उपयोग, पूर्वाग्रह की पहचान और अनुपालन सुनिश्चित करने के महत्व पर चर्चा की। इसके साथ ही सीए देबाशीष मित्रा, पूर्व अध्यक्ष, आईसीएआई, ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी प्रोफेशन में नैतिकता के मार्गदर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
‘आईसीएआई में एआई और चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के लिए एआई का भविष्य: ऑडिट, एश्योरेंस, कराधान और वित्तीय इंटेलिजेंस में बदलाव’ विषय पर एक रोचक पैनल चर्चा आयोजित हुई। पैनल में सीए मनु अग्रवाल (ICAI के पूर्व अध्यक्ष), उमंग पालन (सीए मॉन्क के सह-संस्थापक), सीए रंजन सिंघल (अध्यक्ष, एआई ऑडिटर एवं अनुपालन विशेषज्ञ) एवं सीए उमेश शर्मा, सेंट्रल काउंसिल मेंबर ने भाग लिया। इस दौरान, पैनलिस्टों ने उपस्थित सदस्यों के प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए विषय के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।

