Thursday, February 19, 2026 |
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भारत में हायरिंग हुई और मुश्किल, 71% रिक्रूटर्स ‘छिपी हुई प्रतिभा’ खोजने के लिए AI का कर रहे हैं इस्तेमाल: LinkedIn

by Business Remedies
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नई दिल्ली। भारत का hiring market तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन योग्य टैलेंट ढूंढना पहले से कहीं ज़्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। LinkedIn की नई रिसर्च के मुताबिक, 74 प्रतिशत रिक्रूटर्स को सही उम्मीदवार खोजने में कठिनाई हो रही है, जबकि hiring activity महामारी से पहले के स्तर की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार, रिक्रूटर्स को अब मात्रा और गुणवत्ता के असंतुलन का सामना करना पड़ रहा है। जिन रिक्रूटर्स ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक कठिन बताया, उनमें से 53 प्रतिशत ने AI-जनरेटेड applications में तेज़ बढ़ोतरी को इसकी बड़ी वजह बताया, जबकि 47 प्रतिशत ने मांग वाली skills की लगातार कमी की ओर इशारा किया। इसके अलावा, 48 प्रतिशत रिक्रूटर्स का कहना है कि असली आवेदनों को low-quality या भ्रामक applications से अलग करना भर्ती प्रक्रिया को धीमा कर रहा है।

इसका असर पूरे labour market पर दिख रहा है। LinkedIn data के मुताबिक, भारत में एक open role पर applicants की संख्या 2022 की तुलना में दोगुनी से भी अधिक हो चुकी है। 72 प्रतिशत professionals का कहना है कि वे 2026 में सक्रिय रूप से नौकरी खोज रहे हैं, लेकिन 85 प्रतिशत मानते हैं कि वे hiring process को पूरी तरह समझने और उसमें सफल होने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।

इस चुनौती से निपटने के लिए रिक्रूटर्स तेजी से AI tools अपना रहे हैं। 71 प्रतिशत रिक्रूटर्स का कहना है कि AI ने उन्हें ऐसे candidates खोजने में मदद की है, जिनकी skills वे पहले नजरअंदाज कर देते थे। 80 प्रतिशत के अनुसार, AI की मदद से उम्मीदवारों की skills को समझना आसान हुआ है, जबकि 76 प्रतिशत मानते हैं कि AI ने hiring process को पहले से तेज़ बना दिया है।

आगे देखते हुए, AI adoption और तेज़ होने की उम्मीद है। लगभग सभी रिक्रूटर्स का कहना है कि वे recruitment goals को सपोर्ट करने, applicants का मूल्यांकन करने और top talent को source करने के लिए AI का उपयोग बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। अधिकांश रिक्रूटर्स 2026 में pre-screening interviews के लिए AI का अधिक इस्तेमाल करना चाहते हैं। उनका मानना है कि इससे candidates और recruiters के बीच ज़्यादा meaningful बातचीत होगी (83 प्रतिशत), hiring experience तेज़ होगा (83 प्रतिशत) और उम्मीदवारों की बेहतर समझ मिलेगी (82 प्रतिशत)।

LinkedIn Talent Solutions की APAC VP रुचि आनंद ने कहा,
“हायरिंग में अब फोकस डिग्री या पिछले पदों की बजाय skills पर है। इसे बड़े स्तर पर लागू करने के लिए AI बेहद ज़रूरी है। सही तरीके से इस्तेमाल किया गया AI रिक्रूटर्स को योग्य उम्मीदवार जल्दी पहचानने, screening की जटिलता कम करने और evaluation को अधिक निष्पक्ष बनाने में मदद करता है। LinkedIn का Hiring Assistant ऐसे ही AI tools में शामिल है, जो बेहतर निर्णय लेने में सहायक हैं।”

जैसे-जैसे AI भर्ती प्रक्रिया में गहराई से जुड़ रहा है, candidates की अपेक्षाएं भी बढ़ रही हैं। भारत में 50 प्रतिशत रिक्रूटर्स का कहना है कि उन पर यह स्पष्ट करने का दबाव है कि hiring decisions में AI का उपयोग कैसे किया जा रहा है।

LinkedIn रिक्रूटर्स को तेज़ और स्मार्ट hiring में मदद करने के लिए लगातार नए tools पेश कर रहा है। Salary और notice period filters रिक्रूटर्स को उम्मीदवारों की अपेक्षाएं समझने में मदद करते हैं। Hiring Assistant जैसी सुविधाएं AMD, AECOM, Chewy, Expedia Group, Fabletics, Jacobs, Siemens और Wipro जैसी कंपनियों को योग्य टैलेंट तेजी से खोजने में सहायता कर रही हैं।

Early adopters के अनुसार, इन AI tools की मदद से 62 प्रतिशत कम profiles की समीक्षा करनी पड़ रही है, प्रति role 4 घंटे से अधिक समय की बचत हो रही है, और InMail acceptance rate में 69 प्रतिशत तक सुधार देखा गया है। छोटे व्यवसायों के लिए LinkedIn Hiring Pro जैसे AI agents पहले ही सप्ताह में इंटरव्यू के लिए उम्मीदवार ढूंढने में मदद कर रहे हैं, जिससे औसतन 6 घंटे से अधिक की साप्ताहिक समय बचत हो रही है।

नई सुविधाओं में AI-powered interview support, conversational interfaces और AI-assisted personalised InMails शामिल हैं, जो hiring experience को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम हैं।



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