भारत में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए World Bank के कार्यकारी निदेशक मंडल ने देश के राष्ट्रीय Solar Rooftop कार्यक्रम के लिए वित्तपोषण को मंजूरी दे दी है। इस पहल का उद्देश्य देशभर के लाखों परिवारों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाना, घरेलू बिजली खर्च कम करना तथा नवीकरणीय ऊर्जा विनिर्माण, स्थापना और सेवा क्षेत्र में लगभग 17 लाख रोजगार के अवसर तैयार करना है। भारत ने वर्ष 2070 तक Net Zero उत्सर्जन हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही वर्ष 2035 तक देश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया गया है।
हालांकि बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं में लगातार तेज़ी देखने को मिली है, लेकिन आवासीय क्षेत्रों में Solar Rooftop अपनाने की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। इसी स्थिति को बदलने के लिए केंद्र सरकार ने पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना शुरू की है। इस योजना के तहत देश के लगभग 1 करोड़ ग्रामीण और शहरी परिवारों को अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य केवल बिजली बिलों में कमी लाना ही नहीं है, बल्कि Solar Rooftop उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, स्थानीय उद्योगों को मजबूत करना तथा ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना भी है।
World Bank के भारत के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने कहा कि संस्था पिछले एक दशक से भारत के Solar Rooftop क्षेत्र का लगातार समर्थन कर रही है। इस दौरान 2 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की वित्तीय सहायता जुटाई गई, जिससे देश की स्थापित क्षमता 500 मेगावाट से बढ़कर 27 गीगावाट से अधिक हो गई। उन्होंने कहा कि नया वित्तपोषण आवासीय सौर ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे उपकरण निर्माण, स्थापना, रखरखाव और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इस कार्यक्रम के लिए स्वीकृत वित्तपोषण पैकेज में International Bank For Reconstruction And Development (IBRD) की ओर से 82 करोड़ अमेरिकी डॉलर का ऋण, Clean Technology Fund की ओर से 6 करोड़ अमेरिकी डॉलर का रियायती ऋण तथा IBRD के Livable Planet Fund से 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर का अनुदान शामिल है। इसके अतिरिक्त World Bank निजी क्षेत्र से लगभग 420 करोड़ अमेरिकी डॉलर के वाणिज्यिक ऋण भी जुटाएगा। इससे अधिक परिवारों को बिना बड़ी प्रारंभिक लागत के अपने घरों पर Solar Rooftop प्रणाली स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम के टास्क टीम लीडर मोएज़ शरीफ़ ने कहा कि यह योजना आवासीय सौर ऊर्जा बाजार में मौजूद वित्तीय बाधाओं को दूर करेगी। साथ ही बिजली वितरण कंपनियों, बैंकों और विक्रेताओं की क्षमता को मजबूत बनाकर बेहतर और एकीकृत सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि बिना किसी संपार्श्विक सुरक्षा वाले वित्तपोषण की सुविधा मिलने से परिवार आसानी से सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित कर सकेंगे, जिससे उनके मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग तेजी से बढ़ेगा।

