भारत अब केवल सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अधिक सहज, सुलभ और AI-Ready बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने Digital Government Index में 58.2 अंक हासिल किए हैं, जो इस बात का संकेत है कि देश अब नागरिकों को बेहतर डिजिटल अनुभव देने के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है।
अमेरिका की प्रौद्योगिकी कंपनी एडोबी की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की डिजिटल सरकारी व्यवस्था अब केवल सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। अब ध्यान इस बात पर है कि नागरिकों को सेवाएँ आसानी से मिलें, उनकी ज़रूरतों के अनुसार व्यक्तिगत अनुभव मिले और सरकारी जानकारी AI आधारित प्रणालियों के लिए भी पूरी तरह तैयार हो।
एडोबी इंडिया में Customer Experience Orchestration कारोबार के प्रमुख वेणु जुव्वला ने कहा कि यदि मंत्रालय जानकारी को अधिक आसानी से खोजे जाने योग्य, व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप और बेहतर गुणवत्ता वाला बनाएँ, तो नागरिकों को उत्कृष्ट अनुभव मिलेगा। साथ ही, AI आधारित खोज प्रणालियों और डिजिटल सहायक मंचों पर सरकारी जानकारी की विश्वसनीयता भी बनी रहेगी। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का डिजिटल परिवर्तन Digital India, India Stack और गति शक्ति जैसी प्रमुख पहलों के कारण लगातार आगे बढ़ रहा है। अलग-अलग मंत्रालयों में प्रगति की गति भले ही अलग रही हो, लेकिन मोबाइल आधारित सेवाओं के अनुभव में 1.1 प्रतिशत का सुधार दर्ज किया गया है। यह भारत की Mobile आधारित रणनीति और UMANG तथा DigiLocker जैसे मंचों के बढ़ते उपयोग को दर्शाता है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि नागरिक अनुभव में 3.7प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकारी सेवाओं में पहुँच, सामग्री की सरलता और उपयोग में आसानी को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। Digital Self-Service सबसे मज़बूत क्षेत्र के रूप में उभरकर सामने आया, जहाँ 62.2 अंक प्राप्त हुए और इसमें 2प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका प्रमुख कारण बहुभाषी सेवाओं और भाषा अनुवाद की बेहतर सुविधाएँ हैं, जिससे नागरिक अपनी भाषा में सरकारी सेवाओं का अधिक आसानी से लाभ उठा पा रहे हैं।
वर्ष 2025 के Digital Government Index में सरकारी वेबसाइटों का मूल्यांकन नागरिक अनुभव, वेबसाइट के प्रदर्शन और डिजिटल स्वयं सेवा जैसे प्रमुख मानकों पर किया गया। इसके साथ ही पहली बार AI Readiness और व्यक्तिगत सेवाएँ प्रदान करने की क्षमता का भी आकलन किया गया। रिपोर्ट में उपयोगकर्ता परीक्षण, स्वतंत्र तकनीकी जाँच और सामग्री के मूल्यांकन के आधार पर पाया गया कि वेबसाइटों की पहुँच में 4.1 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि सामग्री की पठनीयता में 23.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे स्पष्ट होता है कि सरकारी सामग्री को अधिक सरल, स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने की आवश्यकता है।
मूल्यांकन में शामिल मंत्रालयों की AI Readiness का स्कोर 51.1 से 73.1 के बीच रहा। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी वेबसाइटें पहले से ही भरोसेमंद और आधिकारिक जानकारी का प्रमुख स्रोत हैं। यदि उनकी तकनीकी संरचना और खोज में दिखाई देने की क्षमता को और बेहतर बनाया जाए, तो AI आधारित खोज मंचों और डिजिटल सहायकों पर भी विश्वसनीय सरकारी जानकारी आसानी से उपलब्ध रहेगी। रिपोर्ट में भारतीय रेल की भी सराहना की गई है, जिसने भाषिणी नामक राष्ट्रीय AI आधारित भाषा मंच को अपनी सेवाओं से जोड़ा है। इसकी सहायता से संवादात्मक Chatbot विभिन्न भारतीय भाषाओं में नागरिकों की सेवा संबंधी जानकारी और प्रश्नों का उत्तर देने में मदद कर रहे हैं, जिससे डिजिटल सेवाएँ अधिक समावेशी और उपयोगकर्ता अनुकूल बन रही हैं।

