जियोफाइनेंस ने फिर शुरू की टैक्स फाइलिंग सुविधा, 24 रुपये से ITR फाइलिंग और 25% तक जियोप्वॉइंट्स का लाभ
मुंबई। टैक्स फाइलिंग सीजन के बीच जियोफाइनेंस ने अपनी टैक्स प्लानिंग और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग सेवा दोबारा शुरू कर दी है। इस बार कंपनी ने यूजर्स के लिए अतिरिक्त लाभ के रूप में टैक्स फाइलिंग फीस का 25% तक जियोप्वॉइंट्स देने की घोषणा की है, जिन्हें ब्रांड वाउचर, शॉपिंग ऑफर्स और पार्टनर डील्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
कंपनी के अनुसार, 24 रुपये से शुरू होने वाले सेल्फ-सर्विस प्लान के जरिए यूजर्स पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया में बिना किसी कागजी कार्रवाई के अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं। इसके साथ पूरे वित्त वर्ष की टैक्स प्लानिंग, टैक्स बचत के विकल्प और रिटर्न से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
खुद या एक्सपर्ट की मदद से फाइल करें ITR
जियोफाइनेंस ऐप में अलग-अलग आय वर्ग और टैक्स फाइलिंग की जरूरतों के अनुसार कई विकल्प उपलब्ध हैं। जो यूजर्स स्वयं टैक्स फाइल करना चाहते हैं, वे इनकम टैक्स विभाग के पोर्टल से अपना टैक्स डेटा सीधे प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, एक्सपर्ट-असिस्टेड प्लान में अनुभवी टैक्स विशेषज्ञ टैक्स कैलकुलेशन से लेकर आईटीआर फाइलिंग तक पूरी प्रक्रिया संभालते हैं।
इन प्लान्स में नोटिस मैनेजमेंट की सुविधा भी शामिल है। यदि जियोफाइनेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से फाइल किए गए आईटीआर पर भविष्य में आयकर विभाग का कोई नोटिस आता है, तो टैक्सबडी की टीम बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उसका जवाब देने और पूरी प्रक्रिया में सहायता करेगी।
टैक्सबडी के साथ साझेदारी
यह सेवा टैक्सबडी (SSBA Innovations) के सहयोग से उपलब्ध कराई जा रही है, जो सरकार द्वारा पंजीकृत ई-रिटर्न इंटरमीडियरी है। प्लेटफॉर्म पर स्टेप-बाय-स्टेप गाइड, टैक्स प्लानर, नियमों के अनुपालन से जुड़े टूल और विशेषज्ञों की सलाह जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
यूजर्स सेक्शन 80C और 80D जैसी टैक्स छूटों का लाभ समझ सकते हैं, पुराने और नए टैक्स रिजीम की तुलना कर सकते हैं तथा अपने टैक्स रिफंड और रिटर्न का स्टेटस भी सीधे ऐप पर देख सकते हैं।
डेटा सुरक्षा पर विशेष जोर
कंपनी ने कहा कि टैक्स मॉड्यूल को मजबूत डेटा सुरक्षा मानकों के साथ तैयार किया गया है। यूजर्स का पूरा डेटा केवल टैक्सबडी के सुरक्षित और इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड एन्क्रिप्टेड सिस्टम में प्रोसेस किया जाता है और इसका उपयोग केवल इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के लिए किया जाता है। जियोफाइनेंस इस डेटा को न तो देखता है और न ही किसी अन्य उद्देश्य के लिए इसका उपयोग करता है।
कंपनी अधिकारियों ने क्या कहा
जियोफाइनेंस प्लेटफॉर्म एंड सर्विस लिमिटेड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुरभि एस शर्मा ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य जटिल वित्तीय प्रक्रियाओं को आसान बनाना है। उनके अनुसार, किफायती टैक्स फाइलिंग, जियोप्वॉइंट्स रिवॉर्ड्स और मजबूत डेटा सुरक्षा के जरिए यूजर्स को तेज, सुरक्षित और लाभदायक अनुभव उपलब्ध कराया जा रहा है।
वहीं, टैक्सबडी के सह-संस्थापक एवं मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि जियोफाइनेंस के साथ यह साझेदारी आम भारतीयों को सुरक्षित, सरल और भरोसेमंद तरीके से टैक्स फाइल करने में मदद करेगी। उनका कहना है कि यह सुविधा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ई-रिटर्न इंटरमीडियरी फ्रेमवर्क पर आधारित है।
कारोबारी गतिविधियां
जियोफाइनेंस एक डिजिटल वित्तीय सेवा मंच है, जो निवेश, भुगतान, ऋण, बीमा, डिजिटल बैंकिंग और व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन जैसी सेवाएं प्रदान करता है। कंपनी का उद्देश्य तकनीक आधारित समाधानों के माध्यम से वित्तीय सेवाओं को अधिक सरल, सुलभ और सुरक्षित बनाना है। टैक्स प्लानिंग और आईटीआर फाइलिंग सेवा के जरिए कंपनी व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर रही है।

