Wednesday, July 15, 2026 |
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Krishna Phoschem Limited ने 30 जून, 2026 को समाप्त पहली तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय परिणाम एवं कंपनी की प्रमुख उपलब्धियों की घोषणा की

by Business Remedies
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जयपुर | बिजनेस रेमेडीज | Krishna Phoschem Limited ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के अपने अनअंकेक्षित वित्तीय परिणामों की घोषणा की। Ostwal Group of Industries की इकाई तथा पूर्ण बैकवर्ड इंटीग्रेशन के साथ कॉम्प्लेक्स उर्वरक (NPK/DAP) एवं SSP (Single Super Phosphate) के निर्माण में अग्रणी Krishna Phoschem Limited ने यह घोषणा कंपनी के निदेशक मंडल की 13 जुलाई, 2026 को आयोजित बैठक में की।

जून 2026 को समाप्त तिमाही के प्रमुख वित्तीय प्रदर्शन:

अप्रैल – जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का टर्नओवर 34.6% बढ़कर ₹532.3 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में ₹395.5 करोड़ रुपये था।

कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 35.7% बढ़कर ₹89.0 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में ₹65.6 करोड़ रुपये था।

नेट प्रॉफिट 54.0% बढ़कर ₹47.1 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में ₹30.6 करोड़ रुपये था।

कंपनी के अध्यक्ष M. K. Ostwal ने कहा:

हमने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की शुरुआत एक सकारात्मक एवं संतुलित प्रदर्शन के साथ की है। वैश्विक अस्थिरता और चुनौतीपूर्ण कारोबारी परिस्थितियों के बावजूद हमारा वित्तीय एवं परिचालन प्रदर्शन मजबूत रहा, जो वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के दौरान निर्मित हमारे सुदृढ़ व्यवसायिक प्लेटफ़ॉर्म और रणनीतिक आधार की मजबूती को दर्शाता है।

भूराजनैतिक परिस्थितियों तथा कच्चे माल की कीमतों में तेज़ वृद्धि जैसी चुनौतियों के बावजूद, कंपनी का राजस्व 34.6% की वार्षिक वृद्धि के साथ ₹532.3 करोड़ तक पहुँचा। वहीं, कर पश्चात लाभ (PAT) 54.0% बढ़कर ₹47.1 करोड़ रहा, जो बेहतर परिचालन दक्षता और अनुशासित लागत प्रबंधन का परिणाम है।

Krishna Phoschem Limited में हमारा विश्वास है कि हम वर्तमान बाजार अवसरों का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हमारी विकास रणनीति पाँच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—बैकवर्ड इंटीग्रेशन, क्षमता विस्तार, उत्पाद विविधीकरण, अनुशासित पूंजी आवंटन तथा किसानों के साथ गहरा जुड़ाव। इन रणनीतिक पहलों को हमारे व्यापक वितरण नेटवर्क और ग्राहकों के साथ मजबूत संबंधों का समर्थन प्राप्त है, जिससे हम आयात प्रतिस्थापन के अवसरों का लाभ उठाने और संतुलित फसल पोषण को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए सक्षम हैं।

अब जबकि हमारे पास पहले से अधिक मजबूत, कुशल और प्रतिस्पर्धी परिसंपत्ति आधार उपलब्ध है, हमारा पूरा ध्यान अनुशासित क्रियान्वयन तथा दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर केंद्रित है। हमें विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026-27 के शेष भाग में भी हम इसी गति को बनाए रखते हुए निरंतर प्रगति करेंगे और किसानों, व्यावसायिक साझेदारों तथा शेयरधारकों के लिए स्थायी मूल्य सृजित करते हुए भारत के कृषि क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने में अपना योगदान देंगे।



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