नई दिल्ली,
वैश्विक स्तर पर सॉफ्टवेयर कंपनियों को लेकर बढ़ती चिंताओं का असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी देखने को मिला। अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने एंटरप्राइज एआई असिस्टेंट में नया ऑटोमेशन लेयर जोड़ने की घोषणा की, जिसके बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ गई। इस नए सिस्टम को लेकर आशंका जताई जा रही है कि यह पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेवाओं की बड़ी हिस्सेदारी को प्रभावित कर सकता है। बाजार में यह डर उभरकर सामने आया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर कारोबार के बड़े हिस्से को प्रतिस्थापित कर सकता है। इसी आशंका के चलते भारी बिकवाली हुई, जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में “SaaSpocalypse” कहा जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, एंथ्रोपिक का नया एआई असिस्टेंट कानूनी दस्तावेजों की समीक्षा, अनुपालन जांच, बिक्री योजना, विपणन अभियान विश्लेषण, वित्तीय मिलान, डाटा विज़ुअलाइजेशन, एसक्यूएल आधारित रिपोर्टिंग और एंटरप्राइज स्तर पर दस्तावेज खोज जैसे कार्य स्वतः कर सकता है। इससे पारंपरिक सॉफ्टवेयर सदस्यता मॉडल पर निर्भरता कम हो सकती है। अमेरिकी बाजार में सूचीबद्ध Infosys और Wipro के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजार में Infosys का शेयर 8.36 प्रतिशत गिर गया, जबकि Wipro में 4.45 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
वैश्विक कंसल्टेंसी कंपनियों जैसे Accenture और Cognizant में भी लगभग दो अंकों के करीब गिरावट रही। इसके अलावा Salesforce, Adobe, DocuSign, Workday और ServiceNow जैसी प्रमुख एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। कानूनी और डाटा आधारित सेवाएं देने वाली कंपनियां जैसे LegalZoom और Thomson Reuters भी इस दबाव से अछूती नहीं रहीं। निवेशकों को आशंका है कि एआई आधारित ऑटोमेशन पेशेवर सेवाओं से जुड़े सॉफ्टवेयर कारोबार को बाधित कर सकता है।
एंथ्रोपिक के उन्नत सिस्टम में कई ऑटोमेशन प्लगइन जोड़े गए हैं, जो केवल सहायता देने के बजाय पूर्ण संचालन प्रक्रियाओं को स्वयं संचालित कर सकते हैं। इससे पहले जिन कार्यों के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर सदस्यता लेनी पड़ती थी, वे अब एक ही प्लेटफॉर्म पर संभव हो सकते हैं। पीएल कैपिटल के हेड एडवाइजरी विक्रम कसाट ने कहा कि भारत को आमतौर पर एआई के विरुद्ध सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है, लेकिन भारतीय आईटी कंपनियां अमेरिकी कंपनियों को व्यापक सॉफ्टवेयर सेवाएं प्रदान करती हैं। ऐसे में Wall Street पर सॉफ्टवेयर शेयरों को लेकर नकारात्मक रुख का असर भारतीय कंपनियों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि Jefferies ने मौजूदा स्थिति को “SaaSpocalypse” करार देते हुए निवेशकों की भावना को ‘Get Me Out’ जैसा बताया है।
Goldman Sachs द्वारा ट्रैक किए जाने वाले अमेरिकी सॉफ्टवेयर शेयरों का समूह एक ही ट्रेडिंग सत्र में लगभग 6 प्रतिशत गिर गया, जिससे करीब $285बिलियन के बाजार मूल्य में कमी आई। इस घटनाक्रम के बाद घरेलू निवेशकों की नजरें अब अगली date पर होने वाले Stock Market Update पर टिकी हैं, जहां Nifty और Sensex की दिशा से आईटी सेक्टर की आगामी चाल का संकेत मिल सकता है।

