भारत के कई राज्य पिछले दो दिनों से हीटवेव की चपेट में आ गए हैं। हीटवेव असामान्य रूप से उच्च तापमान की वह स्थिति है, जिसमें तापमान सामान्य से अधिक रहता है। ऐसी परिस्थिति में वायु का तापमान मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक हो सकता है। वहीं हीटवेव जैसी आपदाएं भारत की जीडीपी को हर वर्ष लगभग 2 फीसदी तक प्रभावित करती हैं और राजस्व हानि का कारण बनती हैं। ऐसे में सावधानियां बरत कर इससे बचाव किया जा सकता है। इन दिनों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात और महाराष्ट्र (विदर्भ क्षेत्र) में तापमान 44-46ए सेंटीग्रेट तक पहुंच गया है। 14 मई तक इन राज्यों में हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है। ऐसे में हीटवेव से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं, ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी, छाछ और नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। इसके अलावा दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। जरूरी काम हो तभी बाहर निकलें। हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय सिर को टोपी, स्कार्फ या छतरी से ढकें। हल्का और ताजा भोजन ही करें। अधिक प्रोटीन, तला-भुना और बासी खाना न खाएं। धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाएं और धूप का चश्मा पहनें। बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ी में ना छोड़ें। यदि सिरदर्द, चक्कर आना, कमजोरी या उल्टी महसूस हो, तो तुरंत ठंडी जगह पर जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें। अगर इन सभी बातों को अपनाएंगे तो हीट वेव से बचाव कर सकेंगे।




