मानवता की भावना और संकट के समय लोगों की सेवा करने वाले स्वयंसेवकों के अथक प्रयासों को सम्मानित करने के लिए आज विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया जाएगा। यह दिन अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट आंदोलन के संस्थापक हेनरी डुनेंट की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जो युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पीडि़त लोगों की सहायता करने, स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने और स्वयंसेवकों के नि:स्वार्थ प्रयासों को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण वार्षिक अवसर है। रेड क्रॉस आंदोलन की नींव स्विस व्यवसायी हेनरी डुनेंट ने वर्ष, 186& में रखी थी, जो 1859 में सोलफेरिनो के युद्ध में सैनिकों की भयानक पीड़ा को देखकर व्यथित हो गए थे। हेनरी डुनेंट पहले नोबेल शांति पुरस्कार विजेता थे। रेड क्रॉस दिवस का उद्देश्य लोगों में दया, सहानुभूति और नि:स्वार्थता की भावना को प्रोत्साहित करना और कमजोर लोगों की मदद करना है। इसके प्रमुख सात सिद्धांत मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वै‘िछक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता है। ये सिद्धांत सुनिश्चित करते हैं कि सहायता निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव के प्रदान की जाए, चाहे व्यक्ति की राष्ट्रीयता, धर्म या पृष्ठभूमि कुछ भी हो। इस दिन रक्तदान शिविर, जागरूकता अभियान और स्वास्थ्य सेवा से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। मानवता को जीवित रखना की थीम के साथ यह दिन उन लाखों स्वयंसेवकों को समर्पित है, जो नि:स्वार्थ भाव से जीवन बचाने और विश्व स्तर पर पीड़ा कम करने के लिए काम करते हैं। विश्व रेड क्रॉस दिवस के अर्थ और इसके वैश्विक प्रभाव को समझकर, छात्र और व्यक्ति अधिक देखभाल करने वाले और सहायक समाज के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।

