नई दिल्ली | BR News Network |भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) Dr. V Anantha Nageswaran ने मंगलवार को कहा कि भारत की भविष्य की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि सूक्ष्म उद्यमों को समावेशी रूप से अपनाने, अनुकूलन करने, विस्तार करने और प्रतिस्पर्धा करने में कितना सक्षम बनाया जाता है। CII Annual Business Summit-2026 में बोलते हुए Nageswaran ने कहा कि कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में MSME टेक्नोलॉजी में पीछे नहीं, बल्कि इनोवेशन और टेक्नोलॉजी में काफी आगे है।
मजबूत ट्रेड स्किल हासिल करने होंगे
Dr. V Anantha Nageswaran ने कहा कि भारत के सूक्ष्म उद्यमों को भी इस दिशा में विकसित होना होगा और मजबूत ट्रेड स्किल हासिल करने होंगे। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को अपनी स्किल में निवेश करना चाहिए और एक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि उनके कर्मचारी—चाहे वे अकाउंटिंग, HR या इन्वेंट्री जैसे सेवा क्षेत्रों में ही क्यों ना हों—भी इन स्किल में निवेश करें।
भविष्य सिर्फ बोर्डरूम या टेक लैब्स में नहीं
CII के पूर्व अध्यक्ष और CII Centre of Excellence on Employment and Livelihood (CEL) के Chairman R Dinesh ने कहा कि जब हम भारत के भविष्य की बात करते हैं, तो इसमें सूक्ष्म और लघु उद्यम (MSME) अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि हम मानते हैं कि भविष्य सिर्फ बोर्डरूम या टेक लैब्स में नहीं है। हम MSME और ग्रामीण रोजगार जैसे क्षेत्रों को मजबूत बनना चाहते हैं, क्योंकि यह भारत की आर्थिक गहराई, सामाजिक स्थिरता और रोजगार ढांचे का रास्ता तैयार करता है।
दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती है बड़ा सवाल
CII के अध्यक्ष Rajiv Memani के अनुसार, भारत के सामने बड़ा सवाल केवल यह नहीं है कि हम क्या आयात करते हैं, बल्कि यह भी है कि हम विनिर्माण प्रतिस्पर्धा, व्यापारिक संबंधों और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती को किस तरह देखते हैं।
आपातकालीन ऋण गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी
इससे पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस माह पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से प्रभावित व्यवसायों को महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ECLGS) 5.0 के शुभारंभ को मंजूरी दी।
ऋण गारंटी कवरेज प्रदान करेगी सरकार
योजना के नए चरण के तहत सरकार National Credit Guarantee Trustee Company Limited (NCGTC) के माध्यम से बढ़ी हुई ऋण गारंटी कवरेज प्रदान करेगी। यह योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए 100 प्रतिशत और गैर-MSME तथा विमानन क्षेत्र के लिए 90 प्रतिशत गारंटी कवरेज प्रदान करती है। इस समर्थन का उद्देश्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों को डिफॉल्ट के जोखिम के डर के बिना अतिरिक्त धन उधार देने के लिए प्रोत्साहित करना है।




