Friday, February 13, 2026 |
Home » सरकार का तिरुपुर वस्त्र क्लस्टर पर फोकस

सरकार का तिरुपुर वस्त्र क्लस्टर पर फोकस

5 लाख रोजगार सृजन और निर्यात विस्तार की योजना

by Business Remedies
0 comments
Piyush Goyal meeting Tiruppur textile cluster exporters delegation in New Delhi

नई दिल्ली,

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने तिरुपुर वस्त्र क्लस्टर से अगले तीन वर्षों में 5 लाख अतिरिक्त रोजगार सृजित करने और अपने निर्यात प्रदर्शन को दोगुना करने का आह्वान किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार निर्यातकों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। यह बात उन्होंने परिधान निर्यात संवर्धन परिषद के अध्यक्ष डॉ. ए. शक्तिवेल के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान कही। इस प्रतिनिधिमंडल में तिरुपुर वस्त्र क्लस्टर और विभिन्न उद्योग संघों के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल थे। मंत्री ने कहा कि मंत्रालय एक विशेष नियंत्रण कक्ष तंत्र स्थापित करने की योजना बना रहा है, जिससे निर्यातक अपनी समस्याएं और शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

पीयूष गोयल ने वस्त्र और परिधान क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे मुक्त व्यापार समझौतों से उत्पन्न अवसरों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इन समझौतों का लाभ देशभर में उद्योग से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। डॉ. ए. शक्तिवेल ने भारत–यूरोप संघ मुक्त व्यापार समझौते को सफलतापूर्वक अंतिम रूप देने तथा अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए मंत्री के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये दोनों समझौते भारत के वस्त्र और परिधान निर्यात को उल्लेखनीय बढ़ावा देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने मंत्री के सक्रिय दृष्टिकोण और वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति मजबूत करने के प्रयासों के लिए आभार भी व्यक्त किया।

उद्योग प्रतिनिधियों ने मंत्री को आश्वस्त किया कि वे इन व्यापार समझौतों से मिले अवसरों का पूर्ण उपयोग करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में तिरुपुर निर्यातक संघ के अध्यक्ष के. एम. सुब्रमणियन, उपाध्यक्ष एलंगोवन, सलाहकार समिति सदस्य पी. पी. के. परमासिवम, कार्यकारी समिति सदस्य आर. रामू तथा 10 वस्त्र संघों के प्रतिनिधि शामिल थे। बैठक के दौरान मंत्री ने बताया कि भारत लगभग 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर चुका है, जिनमें अमेरिका के साथ एक प्रमुख अंतरिम समझौता भी शामिल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बांग्लादेश को कपास पात्रता से जुड़े जो लाभ मिल रहे हैं, वे उसके पहले किए गए समझौते पर आधारित हैं। मंत्री ने संकेत दिया कि भारत भी शीघ्र ही संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद रखता है और ऐसे में भारत को भी समान लाभ प्राप्त होंगे।



You may also like

Leave a Comment