नई दिल्ली,
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि उद्योग जगत को अब नए बाजारों में प्रवेश के प्रयास तेज करने होंगे, गुणवत्ता सुधारनी होगी और अधिक प्रतिस्पर्धी बनना होगा, ताकि व्यापार समझौतों का अधिकतम लाभ उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारतीय उद्योग को अवसरों को पहचानकर रणनीतिक रूप से आगे बढ़ना चाहिए।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री ने निर्यातकों और विभिन्न उद्योग संगठनों से अपील की कि वे विकसित देशों के साथ किए गए Free Trade Agreement (FTA) का पूरा उपयोग करें, जिससे रोजगार सृजन बढ़े और वस्तुओं व सेवाओं के निर्यात को गति मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन समझौतों का उद्देश्य भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में बेहतर पहुंच दिलाना है। मंत्री ने 35 निर्यात प्रोत्साहन परिषदों और प्रमुख उद्योग संघों के साथ बैठक के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने विकसित देशों के साथ महत्वपूर्ण व्यापार समझौते किए हैं। इन समझौतों से भारत के किसानों, श्रमिकों, पेशेवरों, कारीगरों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाजार में वरीयता के साथ अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि इन व्यापार समझौतों से भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और योग को भी वैश्विक पहचान मिलेगी। साथ ही, कृषि और डेयरी क्षेत्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की गई है, ताकि घरेलू उत्पादकों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। पीयूष गोयल ने कहा कि प्राचीन काल से ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वर्तमान व्यापार समझौते विकसित भारत के लक्ष्य को गति देंगे और ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र को आगे बढ़ाएंगे।
आधिकारिक बयान के अनुसार, उद्योग प्रतिनिधियों ने हाल ही में यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ संपन्न व्यापार समझौतों के सफल निष्कर्ष के लिए प्रधानमंत्री और वाणिज्य मंत्री के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने अमेरिका द्वारा 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क समाप्त किए जाने के निर्णय का स्वागत किया, जिसे February 6, 2026 की United States Executive Order के माध्यम से लागू किया गया। इससे भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्धात्मक बाजार पहुंच बहाल होने की उम्मीद है।
उद्योग संगठनों ने कहा कि अमेरिका भारत के सबसे बड़े निर्यात गंतव्यों में से एक है और शुल्क में राहत से भारतीय निर्यातकों को स्थिरता तथा नई प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मिलेगी। बैठक में Export Promotion Mission (EPM) के अंतर्गत हुई प्रगति पर भी चर्चा हुई। यह सरकार की प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य निर्यातकों को व्यापक सहयोग प्रदान करना है। उद्योग जगत ने मिशन के तहत लागू किए गए विभिन्न हस्तक्षेपों का स्वागत किया, जिनमें निर्यात ऋण पर ब्याज सहायता, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए निर्यात ऋण पर गारंटी सुविधा और लक्षित बाजार पहुंच समर्थन शामिल हैं।

