Friday, September 11, 2026 |
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BRICS की वैश्विक अहमियत, भारत की कूटनीतिक क्षमता का प्रमाण: शशि थरूर

थरूर ने BRICS को Global South के लिए अहम मंच बताया, 12 सितंबर से शुरू होगा 18वां BRICS Summit

by Business Remedies
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Shashi Tharoor speaks on BRICS Summit 2026 and India's diplomatic convening power

वैश्विक मंच पर महत्व: Congress MP शशि थरूर ने BRICS Summit की प्रासंगिकता का बचाव करते हुए कहा है कि यह समूह Global South के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि BRICS भारत की Diplomatic Convening Power को भी दुनिया के सामने प्रदर्शित करता है।

11 देशों का महत्वपूर्ण समूह: Summit से पहले बात करते हुए थरूर ने कहा कि BRICS में शामिल 11 देश दुनिया की आबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा रखते हैं। उनके मुताबिक, ये देश मिलकर वैश्विक GDP का करीब 41 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं।

Global South की विविध आवाज: थरूर ने कहा कि Global South में 100 से अधिक देश हैं, लेकिन BRICS में शामिल 11 प्रमुख देश इस क्षेत्र के विचारों की विविधता का बड़ा प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के बाकी देशों को इस समूह को गंभीरता से लेना होगा।

भारत के लिए प्रतिष्ठा का विषय: थरूर ने कहा कि BRICS Summit की मेजबानी करना भारत के लिए प्रतिष्ठा का विषय है। सदस्य देशों और Observer देशों के शीर्ष नेताओं की भागीदारी यह दिखाती है कि भारत प्रमुख वैश्विक शक्तियों को एक मंच पर लाने की क्षमता रखता है।

चिदंबरम ने उठाए थे सवाल: थरूर की यह टिप्पणी Congress के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम द्वारा BRICS में भारत की भागीदारी से मिलने वाले ठोस आर्थिक और रणनीतिक लाभों पर सवाल उठाए जाने के बाद आई है। दोनों नेताओं के बयानों से BRICS की उपयोगिता को लेकर चर्चा तेज हुई है।

12 सितंबर से Summit: दो दिवसीय 18th BRICS Summit 12 सितंबर से शुरू होगा। इसमें Brazil, China, Egypt, Ethiopia, Indonesia, India, Iran, Russia, Saudi Arabia, South Africa और UAE सहित 11 प्रमुख Emerging और Developing Economies शामिल होंगी। भारत की BRICS Chairship 2026 की Theme “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है।



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