Tuesday, July 7, 2026 |
Home Editorialदेश में Electric Vehicle (EV) के उपयोग को बढ़ावा देने की पहल

देश में Electric Vehicle (EV) के उपयोग को बढ़ावा देने की पहल

by Business Remedies
0 comments
punit jain

देश में Electric Vehicle (EV) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार ने दो योजनाओं को मंजूरी दी और इनके लिए 14,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। देश में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए ईवी को प्रोत्साहन देना जरूरी है।

द पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवॉल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहैंसमेंट (पीएम ई-ड्राइव) योजना के लिए 10,900 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया, जो अगले दो वर्षों में फास्टर एडाप्शन ऐंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ (हाइब्रिड एंड) Electric Vehicles (फेम) को प्रतिस्थापित करेगी।

फेम की शुरुआत 2015 में 900 करोड़ रुपये की आरंभिक पूंजी की मदद से की गई थी। इस योजना का दूसरा संस्करण जो गत वित्त वर्ष समाप्त हुआ उसमें 11,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। उम्मीद है कि नई योजनाएं देश में ईवी को अपनाए जाने की दिशा में मददगार होंगी और पिछली पहलों की कामयाबी को आगे ले जाएंगी। चूंकि ईवी की आरंभिक लागत पेट्रोल-डीजल इंजनों की तुलना में अधिक होती है इसलिए उसे अपनाने के लिए राजकोषीय समर्थन जरूरी माना जाता है।
पीएम ई-ड्राइव योजना की मदद से 24.7 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों, 3.16 लाख इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों और 14,028 ई बसों को मदद मिलने की उम्मीद है जिन्हें करीब 3,679 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक ट्रक और इलेक्ट्रिक एंबुलेंस को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये प्रत्येक की राशि आवंटित की गई है, जबकि 200 करोड़ रुपये का आवंटन 74,000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए किया गया है।

इसके अलावा पीएम-ईबस सेवा-पेमेंट सिक्युरिटी मैकेनिज्म (पीएसएम) योजना के लिए 3,435.33 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है और यह सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरण से ई बसों की खरीद और संचालन पर ध्यान केंद्रित करेगी। योजना के तहत चालू वर्ष से लेकर 2028-29 तक 38,000 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जानी हैं। योजना के तहत शुरुआती दिन से अगले 12 वर्षों तक बसों के परिचालन में भी मदद करेगी।

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मदद के अलावा इस बार वाणिज्यिक स्तर पर ईवी को अपनाने पर भी जोर है।



You may also like

Leave a Comment